किन्नौर में जगत सिंह नेगी ने कई विकास कार्यों का किया लोकार्पण, भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध कराने पर दिया जोर
किन्नौर जिले के रारंग और पूह क्षेत्र में राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने भूमिहीन परिवारों को वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत भूमि उपलब्ध कराने तथा शिक्षा एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।
रिकांगपिओ
रारंग में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूह विकास खंड की ग्राम पंचायत रारंग में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने 18 लाख रुपये की लागत से निर्मित जय पाथारो स्वयं सहायता सामूहिक भवन का लोकार्पण किया, जो स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक गतिविधियों के संचालन में उपयोगी होगा। इसके अतिरिक्त 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित पर्यटक सूचना एवं स्वागत केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के माध्यम से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को स्थानीय पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्री ने 73 लाख रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन एवं पुस्तकालय का शिलान्यास भी किया। इस परियोजना के पूर्ण होने पर स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों को एक अतिरिक्त सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध होगी।
वन अधिकार अधिनियम और कल्याणकारी योजनाओं का किया उल्लेख
जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने वन अधिकार अधिनियम-2006, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)-2005 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कानूनों और योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित वर्गों को अधिकार आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार वन अधिकार अधिनियम-2006 के प्रावधानों के तहत पात्र भूमिहीन परिवारों को भूमि अधिकार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। मंत्री ने कहा कि संबंधित मामलों का नियमानुसार परीक्षण कर पात्र लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधार
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि जिला किन्नौर के भावानगर, सांगला, रिकांगपिओ, कानम और निचार सहित कई विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ा गया है। उनका कहना था कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
लोक संस्कृति और पर्यटन विकास पर बल
मंत्री ने कहा कि किन्नौर की देव संस्कृति और बौद्ध परंपरा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों से जोड़ने के लिए संरक्षण एवं संवर्धन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने रारंग को महायान बौद्ध धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इस क्षेत्र में पर्याप्त संभावनाएं हैं। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
मिनी स्टेडियम और पेयजल सुविधाओं पर फोकस
जगत सिंह नेगी ने बताया कि रारंग क्षेत्र में चल रही सीवरेज परियोजना को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए भी विभागीय स्तर पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से मिनी स्टेडियम निर्माण हेतु 15 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास और खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
पूह में विज्ञान ब्लॉक का लोकार्पण
इसके बाद मंत्री पूह पहुंचे, जहां उन्होंने 3 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पूह के विज्ञान ब्लॉक का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान शिक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक प्रयोगशाला और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि विद्यालय को भविष्य में सीबीएसई पैटर्न से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके अलावा दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराने तथा विद्यालय परिसर में मिनी स्टेडियम विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
बागवानों और पशुपालकों के लिए योजनाओं की जानकारी
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था, कीटनाशक दवाइयों पर अनुदान तथा विपणन सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किन्नौर जैसे बागवानी प्रधान क्षेत्रों में सेब और अन्य फसलों के विपणन को सुगम बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पशुपालकों, विशेषकर महिलाओं को आजीविका के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दूध के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य का उल्लेख करते हुए बताया कि गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर की दर निर्धारित की गई है।
जन समस्याएं सुनकर दिए निर्देश
दौरे के दौरान मंत्री ने रारंग और पूह क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सड़क, पेयजल, शिक्षा, सिंचाई और अन्य स्थानीय मुद्दों से संबंधित मामलों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रमों में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।

