Jobs / प्रदेश में सिर्फ 14 फूड सेफ्टी अफसरों के भरोसे करोड़ों की खाद्य निगरानी, सरकार ने 32 पद भरने की प्रक्रिया तेज की
Jobs : हिमाचल प्रदेश में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल केवल 14 फूड सेफ्टी अधिकारियों के भरोसे संचालित हो रही है, जबकि बढ़ते खाद्य कारोबार और निरीक्षण की जरूरत को देखते हुए सरकार ने अधिकारियों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। राज्य सरकार ने स्वीकृत पदों की संख्या 22 से बढ़ाकर 32 कर दी है और भर्ती प्रक्रिया राज्य चयन आयोग के माध्यम से शुरू की जा रही है।
शिमला
हिमाचल में लोगों की थाली तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंचाने की जिम्मेदारी फिलहाल महज 14 फूड सेफ्टी अधिकारियों के कंधों पर है। लगातार बढ़ते खाद्य कारोबार, पर्यटन, होटल उद्योग और मिलावट की बढ़ती आशंकाओं के बीच राज्य सरकार ने अब फूड सेफ्टी अधिकारियों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने स्वीकृत पदों की संख्या 22 से बढ़ाकर 32 कर दी है, जिन्हें राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरा जाएगा।वर्तमान में 22 स्वीकृत पदों में से केवल 14 पर ही अधिकारी कार्यरत हैं, जबकि 8 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। ऐसे में एक-एक अधिकारी को कई जिलों और सैकड़ों खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी करनी पड़ रही है। अधिकारियों की कमी के कारण नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आ रही है।
नियमों के अनुसार प्रत्येक फूड सेफ्टी अधिकारी को हर माह कम से कम 25 खाद्य नमूने जांच के लिए लेने होते हैं। इन नमूनों में दूध, मिठाई, मसाले, तेल, पैक्ड फूड, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य सामग्री शामिल होती है। त्योहारों, पर्यटन सीजन और शादी-विवाह के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है, जिससे विभाग पर अतिरिक्त दबाव बनता है।प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानें, डेयरी, पैक्ड फूड उद्योग और ऑनलाइन फूड डिलीवरी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना समय की जरूरत माना जा रहा है। विभाग का मानना है कि अधिकारियों की संख्या बढ़ने से दूरदराज क्षेत्रों में भी नियमित निरीक्षण संभव होगा और खाद्य कारोबार पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलावटी और मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा कानूनों का बेहतर पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।अब प्रदेशभर की निगाहें राज्य चयन आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि नए अधिकारियों की नियुक्ति के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा मजबूती मिलेगी और लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए निरीक्षण अभियान और अधिक तेज होंगे।