जोल सप्पड़ के मेडिकल विद्यार्थियों को बजट में मिलेगा बढ़ा स्टाइपेंड, मुख्यमंत्री का आश्वासन
जोल सप्पड़ मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों का स्टाइपेंड वार्षिक बजट के समय बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विद्यार्थियों की मांग को जायज बताते हुए यह आश्वासन दिया है। हालांकि स्टाइपेंड में कितनी राशि की वृद्धि होगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री ने पीजी डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों में बदलाव और मेडिकल ऑफिसर डॉक्टरों के बॉन्ड नियमों में राहत पर विचार करने की बात भी कही है।
हमीरपुर/जोल सप्पड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मेडिकल विद्यार्थियों की चिंताओं को समझती है और स्टाइपेंड बढ़ाने की उनकी मांग उचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वार्षिक बजट के दौरान स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की जाएगी। इस आश्वासन से विद्यार्थियों की मांग पर सरकार का रुख स्पष्ट हुआ है, लेकिन प्रस्तावित बढ़ोतरी की राशि और इससे जुड़ी अन्य शर्तों का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं किया गया है।
एसआरशिप में काम के घंटे घटे, स्टाइपेंड बढ़ा
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार ने पीजी डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों में भी बदलाव किया है। पहले एसआरशिप के दौरान 24 घंटे काम करने पर 65 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाता था। अब काम की अवधि घटाकर 12 घंटे कर दी गई है और स्टाइपेंड बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि यह राशि अब एम्स दिल्ली में दिए जाने वाले स्टाइपेंड के बराबर है।
चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पीजी विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा तकनीक का प्रशिक्षण देना और उन्हें बेहतर विशेषज्ञ के रूप में तैयार करना है। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार होने से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा मजबूत होगी तथा आने वाले समय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एमओ डॉक्टरों के बॉन्ड नियमों में राहत पर विचार
आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में एसआरशिप शुरू की गई है। इसके साथ ही पीजी में चयनित मेडिकल ऑफिसर डॉक्टरों के मौजूदा बॉन्ड नियमों में राहत देने पर भी सरकार विचार कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ऐसे डॉक्टरों को पहले पीजी की पढ़ाई पूरी करने और उसके बाद बॉन्ड की निर्धारित अवधि पूरी करने का अवसर मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।