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Election / कालाअंब मतदान केंद्र पर संदिग्ध वोटिंग से मचा हड़कंप, फर्जी मतदान के आरोपों ने गरमाई सियासत

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Election : पंचायती राज चुनाव के दौरान कालाअंब के मतदान केंद्र पर संदिग्ध वोटिंग का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। फर्जी मतदान के आरोपों के बाद पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। विधायक अजय सोलंकी ने मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।

कालाअंब

पंचायती राज चुनाव के प्रथम चरण के दौरान औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब के एक मतदान केंद्र पर कथित संदिग्ध मतदान का मामला सामने आने के बाद चुनावी माहौल अचानक गर्मा गया है। मतदान प्रक्रिया के बीच कथित तौर पर फर्जी तरीके से वोट डाले जाने के आरोपों ने प्रशासन और पुलिस को भी हरकत में ला दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी रोष देखने को मिल रहा है और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार यह मामला कालाअंब स्थित बूथ नंबर-7 से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां जिला परिषद चुनाव के दौरान एक संदिग्ध वोट डाले जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। आरोप है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान बिना उचित पहचान सत्यापन के बैलट पेपर नंबर 4735811 जारी कर दिया गया और उसके आधार पर मतदान भी कर लिया गया।

जिला परिषद प्रत्याशी के पति की ओर से आरोप लगाया गया है कि कथित संदिग्ध व्यक्ति मतदाता सूची के सीरियल नंबर-212 पर दर्ज 22 वर्षीय मोहम्मद उमर के नाम पर वोट डाल रहा था। आरोप यह भी है कि संबंधित व्यक्ति की पहचान का सही तरीके से सत्यापन नहीं किया गया और बिना आवश्यक दस्तावेजों की जांच के मतदान की अनुमति दे दी गई।कांग्रेस नेता विनेश राणा ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रिजाइडिंग अधिकारी की ओर से बिना पहचान पत्र के बैलट पेपर जारी किया गया। उन्होंने कहा कि बूथ एजेंट ने मौके पर ही इस पर आपत्ति दर्ज करवाई थी और कथित संदिग्ध व्यक्ति को जांच के दायरे में लेते हुए पुलिस को सूचना दी गई।

मामले के बाद पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम को जांच के दायरे में लिया है। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए डीडीआर दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी की ओर से जांच अधिकारी को मौके पर भेजा गया है, जबकि प्रिजाइडिंग अधिकारी को भी जांच के दायरे में लिया गया है।उधर नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय सोलंकी ने भी इस मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने संदिग्ध मतदान को गंभीर विषय बताते हुए पुलिस को पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं।

जिला सिरमौर में पंचायती राज चुनाव के दौरान इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है, जहां मतदान प्रक्रिया के बीच डाले गए वोट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। अब पूरे मामले पर प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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