ATS / कांगड़ा में एटीएस के विरोध में चक्का जाम, पालमपुर और तिनबड़ सहित कई क्षेत्रों में निजी बसें और टैक्सी बंद
Himachalnow / कांगड़ा
ATS : कांगड़ा जिले में एटीएस (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन) व्यवस्था के विरोध में विभिन्न क्षेत्रों में कॉमर्शियल वाहनों की हड़ताल के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही। निजी बसें, टैक्सियां और ऑटो रिक्शा बंद रहने से जिला भर में यातायात सरकारी बसों तक सीमित रहा। एचआरटीसी ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बसें भेजी, लेकिन कई क्षेत्रों में यात्रियों को देर से गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।
कांगड़ा
क्या है ATS (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन)
ऑटोमेटिक फिटनेस टेस्ट एक आधुनिक प्रणाली है, जिसमें वाहनों—खासकर बस, ट्रक और अन्य कमर्शियल गाड़ियों—की फिटनेस की जांच पूरी तरह मशीनों और सेंसर के जरिए की जाती है। इसमें ब्रेक, प्रदूषण स्तर, सस्पेंशन, हेडलाइट और वाहन की अंडरबॉडी जैसी महत्वपूर्ण चीज़ों को बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के सटीक तरीके से परखा जाता है। इस प्रक्रिया से जहां फिटनेस जांच अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनती है, वहीं फर्जी सर्टिफिकेट पर रोक लगती है और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलती है।
धर्मशाला और जिला मुख्यालय पर असर
धर्मशाला मुख्यालय में सरकारी बसों पर निर्भरता बढ़ गई। निजी स्कूल बसों के बंद रहने से छात्रों और अभिभावकों को काफी दिक्कतें हुईं। गगल से धर्मशाला मार्ग पर तीन से चार बसें खराब पाई गईं, जिससे अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा। सरकारी बसों की भीड़ अधिक रही और कई कर्मचारी तथा छात्र समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
पालमपुर, तिनबड़ और श्रीचामुंडा में स्थिति
पालमपुर में निजी बस सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं और केवल एचआरटीसी की बसें चल रही थीं। तिनबड़ क्षेत्र में सीमित बस रूट होने के कारण निगम की बसों में भीड़ बढ़ गई। श्रीचामुंडा चौक में टैक्सी ऑपरेटरों द्वारा चक्का जाम लगाया गया, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय चालक ने हिस्सा लिया और एटीएस के विरोध में अपने ज्ञापन प्रशासन को सौंपे।
बैजनाथ, नगरोटा और ज्वालामुखी में प्रदर्शन
बैजनाथ में टैक्सी और ऑटो यूनियनों ने रैली निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नगरोटा बगवां में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक चक्का जाम रखा गया। ज्वालामुखी में उपमंडल अधिकारी कार्यालय के पास यूनियनों ने ज्ञापन सौंपा और शहर में प्रदर्शन किया। सभी रैलियों में यूनियनों ने एटीएस को बंद करने की मांग रखी।
सरकारी और स्थानीय व्यवस्थाएं
एचआरटीसी ने दिनभर अतिरिक्त बसें चलाकर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास किया। जिला कांगड़ा के विभिन्न स्थानों में हड़ताल और चक्का जाम के चलते यातायात प्रभावित रहा। जिले के कई रूट बाधित होने से लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।