एनएच-07 पर सफर नहीं, सीधा खतरा! धौलाकुआं से सूरजपुर तक गड्ढों ने बिगाड़ा हाल
Himachalnow / नाहन
राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर धौलाकुआं से पांवटा साहिब तक गड्ढों ने यात्रा को खतरनाक बना दिया है। यह 57 किलोमीटर लंबा पैच वाहन चालकों के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के अनुसार जल्द ही पैचवर्क कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
नाहन/पांवटा साहिब
राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर धौलाकुआं से पांवटा साहिब की ओर सूरजपुर तक का सफर इन दिनों लोगों के लिए परेशानी ही नहीं, बल्कि खतरे का कारण भी बनता जा रहा है। सड़क पर जगह-जगह पड़े गहरे गड्ढों ने इस अहम हाईवे को बदहाल बना दिया है। हालात ऐसे हैं कि छोटे-बड़े वाहन चालक गड्ढों से बचने के चक्कर में या तो दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं या फिर उनके वाहनों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि कालाअंब से पांवटा साहिब तक राष्ट्रीय राजमार्ग-07 का करीब 57 किलोमीटर लंबा यह हिस्सा लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा हुआ है, जबकि इसके दोनों छोर पर सड़क की तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। एक तरफ कालाअंब से हरियाणा की ओर हाईवे बेहतर स्थिति में है, वहीं दूसरी ओर पांवटा साहिब से उत्तराखंड की तरफ सड़क और फोरलेन पुल तक वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। ऐसे में बीच का यह पैच लोगों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है।
रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों का कहना है कि अब यह हाईवे सफर के लिए नहीं, बल्कि जोखिम उठाने के लिए जाना जा रहा है। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, जबकि बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन अचानक झटके खाते हैं और कई बार चालक संतुलन खो बैठते हैं। खासकर रात के समय और तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है।दोपहिया चालकों के लिए यह पैच सबसे ज्यादा परेशानी का कारण बन रहा है। वहीं भारी वाहनों, बसों और ट्रकों को भी इस खराब सड़क पर लगातार झटकों और तकनीकी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मार्ग की हालत नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।इस पूरे मामले में सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि यह राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्रीय, औद्योगिक और अंतरराज्यीय यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद लंबे समय से यह हिस्सा मरम्मत और रखरखाव की गंभीर कमी झेल रहा है। लोगों का साफ कहना है कि यह पैच केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की अनदेखी का शिकार नजर आता है।
जिला सिरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि जिस ठेकेदार ने इस सड़क पर मेटलाइजिंग का कार्य किया था, उसका डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड अभी जारी है। ऐसे में जहां-जहां गड्ढे बने हैं, वहां पेचवर्क करवाना संबंधित ठेकेदार कंपनी गणपति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से ठेकेदार को समस्या से अवगत करा दिया गया है और जल्द ही पैचवर्क का कार्य शुरू किया जाएगा।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस 57 किलोमीटर लंबे बदहाल पैच को राहत कब मिलेगी। जब दोनों ओर हाईवे बेहतर हालत में हैं, तो बीच का यह हिस्सा आखिर कब तक लोगों की जान और जेब दोनों पर भारी पड़ता रहेगा।