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कांगड़ा के पपरोला में आवारा कुत्ते के काटने से करीब 25 लोग घायल, अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

पपरोला कस्बे में एक आवारा कुत्ते के काटने से करीब 25 लोग घायल हुए, जिनमें कई लोगों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल बैजनाथ पहुंचाया गया। अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई प्रभावित लोगों को खुले बाजार से इंजेक्शन खरीदने पड़े, जबकि प्रशासन ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

बैजनाथ

कस्बे के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को काटने की घटनाएं

नगर परिषद बैजनाथ-पपरोला के पपरोला कस्बे में एक आवारा कुत्ते के काटने से करीब 25 लोग प्रभावित हुए। स्थानीय जानकारी के अनुसार लाल रंग का यह कुत्ता वार्ड के खतरेहड़ मुख्य बाजार, खूह बाजार और आसपास के क्षेत्रों में घूमता रहा। प्रारंभिक घटनाएं खूह बाजार में सामने आईं, जिसके बाद मुख्य बाजार और उतराला रोड क्षेत्र में भी लोगों के काटे जाने की सूचना मिली। प्रभावित लोगों में एक बुजुर्ग भी शामिल हैं, जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल बैजनाथ ले जाया गया।

अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं

घटना के बाद कई प्रभावित लोग उपचार के लिए सिविल अस्पताल बैजनाथ पहुंचे, लेकिन अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खुले बाजार से इंजेक्शन खरीदने पड़े। उपमंडल स्तर का यह अस्पताल धार चढ़ढियार से लेकर छोटा-बड़ा भंगाल क्षेत्र की लगभग 50 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। बड़ी संख्या में मरीजों के एक साथ पहुंचने से वैक्सीन की उपलब्धता का मुद्दा भी सामने आया।

नगर परिषद ने शुरू किया कुत्ते की तलाश का अभियान

स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित कुत्ते ने दो-तीन अन्य कुत्तों को भी काटा है। इसके बाद नगर परिषद के कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में कुत्ते को पकड़ने के लिए अभियान चला रहे हैं। वार्ड नंबर-10 के पार्षद मुकेश शर्मा ने बताया कि नगर परिषद की टीम सभी गलियों और संभावित स्थानों का निरीक्षण कर रही है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक कुत्ते को पकड़ा नहीं जा सका था।

आवारा पशुओं की समस्या पर भी उठे सवाल

स्थानीय स्तर पर बताया गया कि नगर परिषद बैजनाथ-पपरोला क्षेत्र में लगभग चार दर्जन बेसहारा गाय और बैल तथा इससे अधिक संख्या में आवारा कुत्ते सड़कों और गलियों में घूमते हैं। हाल ही में एक बेसहारा गाय को भी नगर परिषद और पशुपालन विभाग के सहयोग से नियंत्रित किया गया था। स्थानीय लोगों ने आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता जताई है।

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने दिए निर्देश

अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि कुछ समय से एंटी रैबीज वैक्सीन की नियमित सप्लाई नहीं हो पाई है, जिसके कारण बड़ी संख्या में मरीज आने पर कठिनाई होती है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरमीत कोटोच ने कहा कि विभिन्न अस्पतालों में सीमित मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध रहती है, लेकिन अधिक मरीज आने पर अतिरिक्त व्यवस्था की आवश्यकता होती है। चिकित्सा विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश मेहता ने सलाह दी कि कुत्ते के काटने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोकर बिना विलंब अस्पताल पहुंचना चाहिए, जहां चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार एंटी रैबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन दिया जाता है।

प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट

एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की निगरानी शुरू कर दी है।