कांगड़ा के स्कूलों में बच्चों को कानूनी अधिकार और सुरक्षित व्यवहार की दी जानकारी
कांगड़ा जिले के दाड़ी और शाहपुर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण के प्रावधानों और सुरक्षित व्यवहार के बारे में जागरूक किया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को शोषण या दुर्व्यवहार की स्थिति पहचानने और बिना भय के सहायता मांगने के लिए प्रोत्साहित करना है।
धर्मशाला
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के दूसरे दिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा ने दोनों विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। प्राधिकरण के सचिव आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि बच्चों को बाल यौन शोषण की रोकथाम और उनके लिए उपलब्ध कानूनी सुरक्षा की जानकारी दी जा रही है। अभियान के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास विकसित करने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने पर जोर दिया गया।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, तालुका विधिक सेवा समितियों तथा संबंधित विभागों और संस्थानों के समन्वय से विद्यालय स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनमें न्यायिक अधिकारियों, बाल कल्याण समितियों, किशोर न्याय बोर्डों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, महिला एवं बाल विकास विभाग, पैनल अधिवक्ताओं, पैरा-लीगल वालंटियर्स, विधि विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन का सहयोग लिया जा रहा है।
सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की दी जानकारी
कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान करने, अनुचित व्यवहार होने पर किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेने तथा उपलब्ध विधिक सहायता और बाल संरक्षण सेवाओं की जानकारी दी गई। बच्चों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। अभियान के माध्यम से बाल शोषण की रोकथाम में विद्यालयों, अभिभावकों और समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।