KCCB Loan Scam / कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में लोन धोखाधड़ी, पूर्व चेयरमैन और एमडी होंगे पूछताछ के लिए तलब!
Himachalnow / शिमला
सारांश: कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (KCCB) में 20 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। बैंक के अधिकारियों के साथ-साथ इसके पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक भी जांच के दायरे में आ गए हैं। विजिलेंस ब्यूरो की ओर से इनकी पूछताछ की तैयारी चल रही है, और जांच को लेकर कई महत्वपूर्ण सबूत भी सामने आए हैं। जानिए इस पूरे मामले की विस्तार से।
20 करोड़ रुपये की लोन धोखाधड़ी
धोखाधड़ी के आरोप
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (KCCB) में 20 करोड़ रुपये के लोन की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बैंक के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया, जिसमें बैंक स्टाफ के सहयोग से फर्जी तरीके से लोन लिया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी युद्ध सिंह बैंस हैं, जो मैसर्स हिमालय स्नो विलेज और होटल लेक पैलेस के मालिक हैं।
विजिलेंस ब्यूरो की जांच
विजिलेंस ब्यूरो इस मामले की जांच कर रहा है और अब इसकी आंच बैंक के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक तक पहुंच गई है। भाजपा सरकार के कार्यकाल में लोन का आवंटन होने के कारण जांच में यह पहलू भी शामिल किया जा रहा है। जांचकर्ताओं को पूछताछ के दौरान कई अहम सबूत मिले हैं, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
पूर्व चेयरमैन और एमडी की पूछताछ
पूर्व चेयरमैन और एमडी पर जांच की आंच
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन डॉ. राजीव भारद्वाज और पूर्व प्रबंध निदेशक पर भी अब जांच की आंच आ रही है। विजिलेंस ब्यूरो इन दोनों को पूछताछ के लिए बुलाने पर विचार कर रहा है। डॉ. राजीव भारद्वाज ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “सांच को आंच नहीं है, जब बुलाया जाएगा, तब बात करेंगे।”
संबंधित अधिकारियों की पूछताछ जारी
इस समय, विजिलेंस ब्यूरो द्वारा बैंक के अधिकारियों और मुख्य आरोपी युद्ध सिंह बैंस से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी ने बैंक स्टाफ की मदद से लोन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ की थी।
जांच का दायरा बढ़ा
नाबार्ड, इनकम टैक्स और आरबीआई को दी गई सूचना
विजिलेंस ने इस मामले में अब नाबार्ड, इनकम टैक्स विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी सूचित किया है। इन संस्थाओं से सहयोग प्राप्त करने के बाद जांच को और अधिक गहराई से चलाया जाएगा। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि इस धोखाधड़ी में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
अधिकारीयों का बयान
विजिलेंस द्वारा बैंक अधिकारियों से पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी युद्ध सिंह बैंस ने फर्जी तरीके से लोन प्राप्त करने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर की थी। इस धोखाधड़ी के मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, जो जांच के दौरान सामने आ सकते हैं।
सख्त कार्रवाई की संभावना
KCCB बैंक लोन धोखाधड़ी का मामला गंभीर रूप से सामने आया है और जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। बैंक के अधिकारियों से लेकर पूर्व चेयरमैन और एमडी तक की भूमिका की जांच की जा रही है। यह मामला न केवल कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, बल्कि समग्र बैंकिंग प्रणाली के लिए भी एक चेतावनी है। विजिलेंस की सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है, और इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।