टीबी उन्मूलन में उल्लेखनीय योगदान पर किन्नौर की 22 पंचायतें सम्मानित
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत किन्नौर की 22 ग्राम पंचायतों को टीबी उन्मूलन में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। रिकांग पिओ में 4 नवंबर 2026 को आयोजित समारोह में लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त स्थिति बनाए रखने वाली दो पंचायतों को स्वर्ण श्रेणी में महात्मा गांधी की प्रतिमाएं दी गईं। रजत श्रेणी की 10 और कांस्य श्रेणी की 10 पंचायतों को भी संबंधित प्रतिमाओं एवं प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया गया।

किन्नौर/रिकांग पिओ
उपायुक्त किन्नौर सोनाक्षी सिंह तोमर की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय में आयोजित समारोह का उद्देश्य टीबी उन्मूलन अभियान में पंचायतों के प्रयासों और सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संभावित मरीजों की समय पर पहचान और जांच कराने, उपचार उपलब्ध करवाने तथा मरीजों को निर्धारित उपचार पूरा करने में सहयोग देने में पंचायतों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज संस्थाओं के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए पंचायतों के साथ आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने संभावित मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही टीबी मरीजों के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव समाप्त करने की आवश्यकता भी बताई।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। विभाग ने संभावित मरीजों को जांच और उपचार के लिए प्रेरित करने तथा टीबी मरीजों को पूरा उपचार लेने में सहयोग देने को कहा। समारोह में उपस्थित प्रतिनिधियों ने किन्नौर जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्प राज ठाकुर और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह नेगी भी उपस्थित रहे।