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किन्नौर में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम आयोजित, राजस्व मंत्री ने सुनीं जन समस्याएं और अधिकारियों को दिए निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

किन्नौर के रिकांगपिओ में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने जन शिकायतों की सुनवाई की और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनजातीय विकास से जुड़े विषयों पर भी जानकारी साझा की गई।

रिकांगपिओ

‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में जन शिकायतों की सुनवाई

महात्मा गांधी पार्क, रिकांगपिओ में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों तक सरकार की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी पहुंचाना तथा स्थानीय स्तर पर जन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के साथ मिलकर लोगों की शिकायतों का मौके पर निस्तारण करने का प्रयास कर रहा है।

संगठनात्मक और प्रशासनिक व्यवस्था पर दिया जोर

राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को सरकार की योजनाओं तथा विभागीय गतिविधियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए उनके समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए, जबकि अन्य मामलों को चरणबद्ध तरीके से निपटाने का आश्वासन दिया गया।

बागवानी और अन्य योजनाओं का किया उल्लेख

जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य में टेलीस्कोपिक कार्टन व्यवस्था के स्थान पर यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छोटे और सीमांत बागवानों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। इसके अलावा उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र लोगों को भू-पट्टे प्रदान करने, पुरानी पेंशन योजना, शिक्षा, ग्रामीण विकास तथा अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की भी जानकारी दी।

आपदा राहत, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा

उन्होंने कहा कि राज्य आपदा राहत मैन्युअल में संशोधन के बाद पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के चयनित सरकारी विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग द्वारा मेगा स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया।

प्रदर्शनियों का किया अवलोकन

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनियां भी लगाई गईं, जिनका राजस्व मंत्री ने अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति

उपमंडलाधिकारी कल्पा प्रवीण भारद्वाज ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त विपिन ठाकुर, निदेशक राज्य सहकारी बैंक विक्रम सिंह नेगी, जनजातीय सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. सूर्या बोरस नेगी, पंचायत समिति कल्पा के उपाध्यक्ष भूपेंद्र नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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