वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती पंचायतों के विकास कार्यों की उपायुक्त किन्नौर ने की समीक्षा
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने सीमावर्ती पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों को निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में सड़क, सुरक्षा दीवार, बागवानी, पशुपालन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
किन्नौर/रिकांगपिओ
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास कार्यों की हुई समीक्षा
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने उपायुक्त कार्यालय रिकांगपिओ के सम्मेलन कक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र की रक्छम, बटसेरी, थेमगारंग और छितकुल ग्राम पंचायतों में चल रहे एवं लंबित विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा दीवार और पशुपालन गतिविधियों पर दिया जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सतलुज नदी के समीप स्थित गांवों में सुरक्षा दीवारों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देशित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, स्वास्थ्य प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में सहायता मिल सके और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर मजबूत हों।
बागवानों के लिए पैकिंग एवं ग्रेडिंग हाउस स्थापित होंगे
उपायुक्त ने उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. शमशेर सिंह डेहरू को सांगला घाटी की बटसेरी और थेमगारंग पंचायतों में पैकिंग एवं ग्रेडिंग हाउस स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के शुरू होने से छोटे एवं सीमांत बागवानों को अपनी उपज की ग्रेडिंग और पैकिंग स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी। इससे परिवहन लागत कम होगी और किसानों को बाजार में अपनी फसलों एवं बागवानी उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं पर भी चर्चा
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि खाब-नमज्ञा-शिपकिला सड़क को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों तक आवागमन सुगम होगा और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को आवश्यक सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध हो सकें और प्रशासनिक कार्यों में सुविधा मिले।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने दी प्रगति रिपोर्ट
बैठक का संचालन एकीकृत जनजातीय विकास कार्यक्रम के परियोजना अधिकारी घनश्याम दास शर्मा ने किया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त विपिन कुमार, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
