Kullu JE Murder Case / जेई हत्याकांड में बड़ा खुलासा, ब्यास नदी में शव फेंकने की थी साजिश; पूछताछ में सामने आई नई बातें
कुल्लू में जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता लाभ सिंह गुलेरिया हत्याकांड की जांच में पुलिस पूछताछ के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वारदात के बाद मृतक को ब्यास नदी में फेंककर सबूत मिटाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल न होने के कारण आरोपी अपने इरादे में सफल नहीं हो सके।
कुल्लू
ब्यास नदी में शव फेंकने की थी पहली योजना
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर दंपति, उसके भाई और ससुर ने वारदात के बाद कनिष्ठ अभियंता को ब्यास नदी में फेंकने की योजना बनाई थी। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और आरोपियों को लगा कि तेज बहाव में शव मिलने की संभावना बेहद कम रहेगी। इसी कारण वे कथित रूप से सबूत मिटाने के लिए इस योजना पर काम करना चाहते थे।
दूरी और पकड़े जाने के डर से बदली योजना
पूछताछ में यह भी सामने आया कि वारदात स्थल से ब्यास नदी तक पहुंचने में दूरी और समय दोनों बड़ी बाधा बने। घटना के बाद आरोपियों को पकड़े जाने का डर लगातार सता रहा था। उन्हें आशंका थी कि रास्ते में कोई देख सकता है या पुलिस की नाकेबंदी में वे फंस सकते हैं। इसी वजह से उन्होंने नदी तक जाने का जोखिम नहीं उठाया।
नाले में छोड़कर मौके से हुए फरार
पुलिस के अनुसार नदी की योजना विफल होने के बाद आरोपी घायल कनिष्ठ अभियंता को वाहन में डालकर पिरड़ी की ओर ले गए, ताकि किसी सुनसान स्थान पर छोड़ सकें। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि परिजन उनकी तलाश में उसी मार्ग पर पहुंच रहे हैं। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर गांधीनगर के समीप एक नाले में उन्हें छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। कुछ ही देर बाद राहगीरों ने घायल अवस्था में पड़े व्यक्ति को देखकर पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
हथियारों की बरामदगी के प्रयास जारी
एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी के लिए भी प्रयास कर रही है। मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाई जा रही है।