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कुनिहार में सरकारी ई-बाजार और ऑनलाइन व्यापार विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 3 Hours Ago • 1 Min Read

उद्योग विभाग द्वारा कुनिहार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और पंचायत प्रतिनिधियों को सरकारी ई-बाजार तथा ऑनलाइन व्यापार से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना रहा।

सोलन

रैम्प कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ आयोजन

उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के ‘सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रदर्शन संवर्धन एवं तीव्रता कार्यक्रम (रैम्प)’ के अंतर्गत कुनिहार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक विनय वर्मा ने की। कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप इकाइयों तथा पंचायत प्रतिनिधियों को डिजिटल व्यापार और सरकारी खरीद प्रणालियों से जोड़ना था। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र से संबंधित योजनाओं, विपणन अवसरों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की जानकारी प्रदान की गई।

डिजिटल माध्यमों से उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर

विनय वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए नए बाजारों तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्वयं सहायता समूहों तथा पंचायत प्रतिनिधियों को डिजिटल साधनों, ऑनलाइन व्यापार मंचों, सरकारी ई-बाजार और समूह विकास योजनाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से उत्पादों की बिक्री, विपणन और ग्राहक आधार का विस्तार अपेक्षाकृत सरल हो सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी।

स्थानीय उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाने की जानकारी

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ऑनलाइन व्यापार मंचों के माध्यम से बाजार विस्तार, डिजिटल भुगतान प्रणाली, व्हाट्सऐप बिजनेस, सामाजिक माध्यमों पर प्रचार-प्रसार तथा ऑनलाइन ब्रांड पहचान निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाने वाले कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प और घरेलू उत्पादों को डिजिटल माध्यमों के जरिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा उत्पादों की पैकेजिंग, गुणवत्ता मानकों और ग्राहक सेवा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।

सरकारी ई-बाजार पोर्टल पर दिया गया प्रशिक्षण

विशेषज्ञों द्वारा सरकारी ई-बाजार (GeM) के सार्वजनिक क्रय प्रणाली मॉड्यूल पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया, उत्पाद सूचीकरण, निविदा प्रक्रिया, ऑर्डर प्रबंधन और भुगतान प्रणाली की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि सरकारी ई-बाजार पोर्टल के माध्यम से स्थानीय उद्यमी अपनी वस्तुएं और सेवाएं सीधे विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों को उपलब्ध करा सकते हैं। इससे पारदर्शी खरीद प्रक्रिया के साथ-साथ व्यापक बाजार तक पहुंच के अवसर भी उपलब्ध होते हैं।

प्रतिभागियों का किया गया पंजीकरण

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों का सरकारी ई-बाजार पोर्टल पर पंजीकरण एवं सूचीकरण भी कराया गया। कई प्रतिभागियों ने विक्रेता के रूप में अपना पंजीकरण करवाया और उत्पाद अपलोड करने, प्रोफाइल तैयार करने तथा ऑनलाइन व्यापार प्रक्रियाओं से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को पंजीकरण के बाद उपलब्ध होने वाले व्यावसायिक अवसरों और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में भागीदारी के बारे में भी जानकारी दी।

125 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया भाग

कार्यशाला का संचालन जिला उद्योग केंद्र की समन्वयक सुनीता शर्मा ने किया। कार्यक्रम में 125 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्थानीय उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्याएं, युवा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि तथा ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल रहे। कार्यक्रम को तीन प्रमुख सत्रों में आयोजित किया गया, जिनमें डिजिटल विपणन, सरकारी ई-बाजार पोर्टल और उद्यम विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी के साथ-साथ विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर भी प्रदान किया गया।

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