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हिमाचल पंचायत चुनाव: लाहुल की मालंग पंचायत में सर्वसम्मति से निर्विरोध चुने गए प्रतिनिधि

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 55 Mins Ago • 1 Min Read

Himachalnow / मनाली

लाहुल की नवगठित मालंग पंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों का निर्विरोध चयन कर लिया है। इस निर्णय से पंचायत को सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने का प्रावधान है और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

मनाली/लाहुल

मालंग पंचायत में सर्वसम्मति से हुआ प्रतिनिधियों का चयन
हिमाचल प्रदेश के लाहुल क्षेत्र में नवगठित मालंग पंचायत के ग्रामीणों ने बैठक आयोजित कर पंचायत प्रतिनिधियों के चयन पर सर्वसम्मति बनाई। ग्रामीणों ने देचेन्न डोलमा को पंचायत प्रधान और अनिल सहगल को उपप्रधान की जिम्मेदारी सौंपी। पंचायत के गठन के बाद यह पहला सामूहिक निर्णय माना जा रहा है, जिसमें सभी गांवों के लोगों ने भाग लेकर सहमति के आधार पर प्रतिनिधियों का चयन किया।

पांचों वार्डों के लिए सदस्यों के नाम किए गए तय
मालंग पंचायत के अंतर्गत आने वाले पांच वार्डों के लिए भी सदस्यों के नाम तय किए गए हैं। वार्ड नंबर-एक से फुंचोग डोलमा, वार्ड-दो से देवेंद्र कटोच, वार्ड-तीन से मानदासी, वार्ड-चार से दावा डोलमा और वार्ड नंबर-पांच से जीवन लाल को वार्ड सदस्य चुना गया। ग्रामीणों ने बताया कि सभी नामों पर आपसी सहमति बनने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया गया, ताकि पंचायत स्तर पर कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।

प्रोत्साहन राशि और विकास कार्यों को रखा गया प्राथमिकता में
नवनियुक्त उपप्रधान अनिल सहगल ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों को निर्विरोध चुनने का फैसला गांव के लोगों की सामूहिक सहमति से लिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से निर्विरोध पंचायतों के लिए घोषित 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ मालंग पंचायत को मिल सके, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का मानना है कि इससे पंचायत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।

भविष्य में भी सहमति आधारित चयन प्रक्रिया पर रहेगा जोर
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने यह भी निर्णय लिया कि आने वाले पंचायत चुनावों में भी सहमति आधारित प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा। पंचायत क्षेत्र के लोगों ने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया से गांवों के बीच समन्वय बना रहता है और विकास योजनाओं को लागू करने में आसानी होती है। बैठक में पंचायत क्षेत्र के सभी गांवों के संतुलित विकास और सामूहिक भागीदारी पर भी चर्चा की गई।

ग्रामीणों ने अन्य पंचायतों से भी की अपील
मालंग पंचायत के ग्रामीणों ने कहा कि निर्विरोध पंचायत गठन से क्षेत्र को सरकारी प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलने जा रहा है। ग्रामीणों ने अन्य पंचायतों से भी आपसी सहमति के आधार पर प्रतिनिधियों के चयन की दिशा में प्रयास करने की बात कही। उनका कहना है कि इससे पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।