लाना बाका में नामांकन प्रक्रिया पर उठे सवाल, सीटू नेता ने लगाए प्रशासन पर गंभीर आरोप
Himachalnow / नाहन
पंचायत चुनावों की नामांकन प्रक्रिया को लेकर लाना बाका पंचायत में विवाद गहराता जा रहा है। सीटू नेता आशीष Kumar ने प्रशासन पर प्रक्रिया को जटिल बनाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सत्यापन संबंधी नियमों से आम लोगों को चुनाव लड़ने में परेशानी हो रही है।
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ग्राम पंचायत लाना बाका में पंचायत चुनावों की नामांकन प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सीटू जिला महामंत्री सिरमौर आशीष कुमार ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नामांकन प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाकर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।आशीष कुमार ने कहा कि पंचायत चुनाव गांव के सामान्य लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़े होते हैं, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा “अनुबंध-1” के सत्यापन के लिए उम्मीदवारों को क्लास-वन अधिकारी के पास भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी स्वयं दस्तावेज सत्यापित करने से बच रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले ही कई विभागों में अधिकारियों की कमी है। ऐसे में उम्मीदवार सत्यापन के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हो रहे हैं। आशीष कुमार के अनुसार कई मामलों में पटवारी रिपोर्ट लगाने की बात कहकर प्रक्रिया को और अधिक जटिल बनाया जा रहा है।इस मुद्दे को लेकर पंचायत से उपप्रधान पद के दावेदार राकेश कुमार और वार्ड सदस्य पद की दावेदार अर्चना ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नामांकन के शुरुआती चरण में ही इस तरह की अड़चनें खड़ी करना आम लोगों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने जैसा है।
आशीष कुमार ने आरोप लगाया कि यदि यही स्थिति रही तो गरीब, किसान, मजदूर और साधारण परिवारों के लोगों के लिए पंचायत चुनाव लड़ना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं, जिससे लोगों में चुनाव प्रक्रिया को लेकर अविश्वास बढ़ सकता है।उन्होंने जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों से मांग की है कि पूरे जिले में एक समान और सरल प्रक्रिया लागू की जाए तथा रिटर्निंग ऑफिसरों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं ताकि उम्मीदवारों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।