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Land Dispute / संतोखगढ़ की शामलात भूमि विवाद में ग्रामीणों की प्रशासन से गुहार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 52 Mins Ago • 1 Min Read

Himachalnow / पांवटा साहिब

“कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी पैमाइश और दबाव से परेशान किए जा रहे लोग” , पूर्व तहसीलदार पर भी लगाए गंभीर आरोप

पांवटा साहिब

पांवटा साहिब उपमंडल के संतोखगढ़ क्षेत्र में शामलात भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से हस्तक्षेप की मांग उठाई है। अमरगढ़ निवासी सतनाम सिंह के साथ पूर्व सैनिक परिवार से जुड़े हजारा सिंह और जगदीप सिंह निवासी संतोखगढ़ ने भी प्रशासन को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।

ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त सिरमौर प्रियंका नेगी, एसडीएम पांवटा साहिब और अन्य अधिकारियों को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि मौजा संतोखगढ़ की शामलात भूमि से जुड़े दो मामले वर्तमान में कोर्ट नंबर-1 पांवटा साहिब में विचाराधीन हैं। इनमें एक मामला नरेंद्र सिंह व अन्य बनाम प्रीतम सिंह व अन्य तथा दूसरा काउंटर क्लेम के रूप में प्रीतम सिंह व अन्य बनाम नरेंद्र सिंह व अन्य दर्ज है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर पहले भी वर्ष 2011 में न्यायालय फैसला दे चुका है, जिसमें भूमि हिमाचल प्रदेश सरकार की पाई गई थी। इसके बावजूद अब दोबारा विवाद खड़ा होने से ग्रामीणों में असमंजस और भय का माहौल है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विचाराधीन मामले के बावजूद जमीन से जुड़े मामलों में दबाव बनाया जा रहा है और पैमाइश की आशंका से लोग चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लंबित मामलों की प्रतियां संबंधित पटवारी और कानूनगो को उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि कोर्ट के अंतिम निर्णय तक किसी प्रकार की कार्रवाई न की जाए।

ज्ञापन में पांवटा साहिब के पूर्व तहसीलदार ऋषभ शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में हुई राजस्व प्रक्रिया में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

ग्रामीणों ने कहा कि वे वर्षों से इस विवाद के चलते मानसिक और सामाजिक दबाव झेल रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद जमीन पर किसी प्रकार की जल्दबाजी में कार्रवाई की गई तो इससे क्षेत्र में विवाद और बढ़ सकता है।

उधर, एसडीएम कार्यालय पांवटा साहिब ने शिकायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए तहसीलदार कार्यालय को अग्रेषित कर दिया है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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