Loading...

बंगाणा के 872 करोड़ की लागत से बन रहे लाठियानी मंदली पुल निर्माण कार्य में स्थानीय जनता की परेशानियों ने पकड़ा तूल, विवेक शर्मा पहुंचे मौके पर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

ऊना जिले के कुटलैहड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन लाठियानी-मंदली पुल परियोजना के दौरान स्थानीय लोगों ने सड़क संपर्क, बाजार व्यवस्था और रोजगार से जुड़ी समस्याएं उठाई हैं। विधायक विवेक शर्मा ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कंपनी और अधिकारियों से विभिन्न मांगों पर चर्चा की।

ऊना

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बन रहे 872 करोड़ रुपये की लागत वाले बहुप्रतीक्षित लाठियानी-मंदली पुल निर्माण कार्य को लेकर अब स्थानीय जनता का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। पुल निर्माण के दौरान लगातार एक दर्जन गांवों का संपर्क टूटने, बाजार की अनदेखी, स्थानीय लोगों को रोजगार न मिलने और बाहरी राज्यों की मशीनरी व ठेकेदारों को प्राथमिकता दिए जाने के आरोपों ने पूरे क्षेत्र में असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि पुल निर्माण जैसे बड़े प्रोजेक्ट से क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दर्जनों गांवों के रास्ते बाधित होने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है तथा लोगों को लंबी दूरी तय कर अपने दैनिक कार्यों के लिए जाना पड़ रहा है।

इन समस्याओं को लेकर स्थानीय जनता ने कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा के समक्ष अपनी मांगें रखीं, जिसके बाद विधायक सैकड़ों पारिवारिक सदस्यों और स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की। विधायक विवेक शर्मा ने निर्माण कार्य से उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के सामने जनता की नाराजगी को खुलकर रखा। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन यदि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों की जिंदगी ही प्रभावित होने लगे तो यह गंभीर चिंता का विषय है। विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय जनता के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विवेक शर्मा ने कहा कि पुल निर्माण कार्य के कारण लाठियानी बाजार और आसपास के गांवों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों को बस पकड़ने के लिए लगभग दो किलोमीटर तक पैदल चलकर लाठियानी घाट जाना पड़ रहा है। इससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि वैकल्पिक संपर्क मार्ग तुरंत बनाए जाएं और स्थानीय लोगों को हो रही समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।1985 में मेरे पिता ने शुरू की थी पुल की लड़ाई, विवेक शर्मा विधायक विवेक शर्मा ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि लाठियानी मंदली पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के लोगों का दशकों पुराना सपना है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 में उनके पिता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय रामनाथ शर्मा ने इस पुल के निर्माण की पहल की थी। उन्होंने कहा कि उस समय क्षेत्र की जनता की समस्याओं को देखते हुए पुल निर्माण की मांग उठाई गई थी ताकि लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिल सके। आज लगभग 36 वर्षों बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के अथक प्रयासों से यह सपना साकार हो रहा है। विवेक शर्मा ने कहा कि यह पुल क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, लेकिन इसके निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जनता को परेशानियां झेलनी पड़ीं तो विकास का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

अंग्रेजों के समय का लाठियानी बाजार उजड़ने की कगार पर,विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि लाठियानी बाजार ऐतिहासिक महत्व रखता है और यह अंग्रेजों के समय से स्थापित व्यापारिक केंद्र रहा है। लेकिन पुल निर्माण के दौरान लिंक सड़क की उचित व्यवस्था नहीं होने से यह बाजार उजड़ने की कगार पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। कई व्यापारियों ने चिंता जताई है कि यदि यही स्थिति रही तो उन्हें अपने व्यवसाय बंद करने पड़ सकते हैं।

विधायक विवेक शर्मा ने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट में स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों की कोई हिस्सेदारी क्यों नहीं सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजार को बचाने के लिए निर्माण कंपनी को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते लिंक सड़क और वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाए गए तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।स्थानीय लोगों के पास मशीनरी, फिर बाहरी को क्यों प्राथमिकता ?विधायक विवेक शर्मा ने निर्माण कंपनी पर स्थानीय लोगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कई युवाओं और स्थानीय ठेकेदारों के पास मशीनरी और संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद पंजाब और अन्य राज्यों के लोगों को आखिर क्यों प्राथमिकता दी जा रही है।उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार देने की बजाय बाहरी लोगों को अवसर देना क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।

करोड़ों रुपये की परियोजना से स्थानीय युवाओं और व्यापारियों को रोजगार व आर्थिक लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है,विवेक शर्मा ने कहा कि यदि कंपनी ने जल्द स्थानीय लोगों को रोजगार कार्य में भागीदारी नहीं दी तो आंदोलन भी को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार है।पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह बोले, कई बार उठाई समस्या, लेकिन नहीं हुई सुनवाई,स्थानीय पंचायत के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह ने निर्माण कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार कंपनी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया गया।

महेंद्र सिंह ने कहा कि मजबूर होकर स्थानीय लोगों ने विधायक विवेक शर्मा से संपर्क किया और उन्हें मौके पर बुलाकर स्थिति से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पर यह पुल बन रहा है, इसलिए जनता को ही परेशान करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने याद करते हुए कहा कि वर्ष 1985 में उन्होंने तत्कालीन विधायक स्व रामनाथ शर्मा के साथ मिलकर तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह का लाठियानी दौरा करवाया था और पुल निर्माण की मांग रखी थी।
महेंद्र सिंह ने कहा कि उस समय जो सपना देखा गया था, वह आज पूरा हो रहा है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय जनता को परेशान करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस अध्यक्ष विवेक मिंका बोले समस्याओं का समाधान करें नहीं तो होगा आंदोलन,कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विवेक मिंका ने निर्माण कंपनी और संबंधित एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध बनने के दौरान हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर पलायन करना पड़ा था और अब पुल निर्माण के दौरान कंपनी फिर उसी तरह की परिस्थितियां पैदा कर रही है। विवेक मिंका ने कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर विकास कार्य नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और विधायक विवेक शर्मा स्थानीय जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विधायक विवेक शर्मा के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो एनएचएआई तथा केंद्र सरकार के खिलाफ भी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन, हाईकमान तक पहुंचेगी जनता की आवाज,स्थानीय लोगों और विधायक विवेक शर्मा के तीखे विरोध के बाद निर्माण कंपनी और संबंधित अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र की सभी समस्याओं को उच्च अधिकारियों और हाईकमान तक पहुंचाया जाएगा तथा समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर समाधान चाहिए।

ग्रामीणों और व्यापारियों ने साफ कहा कि यदि जल्द सड़क संपर्क बहाल नहीं हुआ, स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिला और बाजार की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।लाठियानी-मंदली पुल निर्माण परियोजना क्षेत्र के विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन इसके साथ-साथ स्थानीय जनता के हितों और सुविधाओं को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और निर्माण कंपनी जनता की मांगों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करते हैं।