स्कूल में मिले तेंदुए के पंजों के निशान, दीवारों पर खून देख बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
दो दिन की छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर परिसर के भीतर पंजों के गहरे निशान और ऊपरी मंजिल की बाहरी दीवारों पर खून के निशान मिले। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ किसी जानवर का शिकार करने के बाद स्कूल परिसर तक पहुंचा होगा। हालांकि परिसर में वास्तव में क्या हुआ, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। आसपास के गांवों में भी तेंदुए की गतिविधियां बढ़ने की बात सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
नाहन/बाग हाबड़ा
स्कूल खुलते ही सामने आए पंजों और खून के निशान
सिरमौर जिले की तहसील कमरऊ की ग्राम पंचायत भजौण के अंतर्गत राजकीय माध्यमिक पाठशाला बाग हाबड़ा में छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर असामान्य निशान दिखाई दिए। धरातल वाली मंजिल पर पंजों के गहरे निशान पाए गए, जबकि ऊपरी मंजिल के बरामदे की बाहरी दीवारों पर खून लगा हुआ था। इन निशानों को देखकर स्कूल स्टाफ और बच्चे सहम गए। बाद में स्टाफ सदस्यों ने खून से सनी दीवारों को साफ किया।
किसी जानवर का शिकार लेकर पहुंचने की आशंका
स्कूल परिसर में मिले फुटप्रिंट को देखकर आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ किसी जानवर का शिकार करने के बाद उसे परिसर तक लेकर आया होगा। यह संभावना भी जताई गई है कि तेंदुए के चंगुल से निकलने के प्रयास में शिकार दीवार से टकराया या रगड़ा हो, जिससे वहां खून के निशान बने। हालांकि यह केवल आशंका है और स्कूल परिसर में वास्तव में क्या हुआ था, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
विद्यालय प्रभारी ने भी की निशान मिलने की पुष्टि
विद्यालय प्रभारी चंद्र प्रकाश के अनुसार स्कूल परिसर में तेंदुए के पंजों जैसे निशान मिले हैं और ऊपरी मंजिल के बरामदे की बाहरी दीवारों पर खून भी दिखाई दिया। उन्होंने बताया कि परिस्थितियों को देखकर किसी जानवर का शिकार लेकर तेंदुए के परिसर तक आने का अंदेशा लगाया जा रहा है। शिकार के छटपटाने के दौरान दीवार से रगड़ लगने की संभावना भी हो सकती है, लेकिन वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
आसपास के गांवों में तेंदुए की गतिविधियों से चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाग हाबड़ा और आसपास के गांवों में इन दिनों तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं और पशुओं के शिकार की घटनाओं को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इस बारे में वन विभाग को शिकायत दी गई है। अब स्कूल परिसर में पंजों और खून के निशान मिलने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाने की मांग की है।