मछुआरों को बड़ी राहत: रॉयल्टी 15% से घटाकर 1%, जलाशय मछलियों पर ₹100 एमएसपी लागू
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने मछुआरों के लिए बड़े फैसले लेते हुए रॉयल्टी को घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया है और जलाशय मछलियों पर पहली बार एमएसपी लागू किया है। इस कदम से मछुआरों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा और आय में स्थिरता मिलेगी। सरकार की इन योजनाओं से मत्स्य क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
शिमला
हिमाचल प्रदेश में मछुआरा समुदाय के लिए सुक्खू सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। बजट 2026-27 की घोषणाओं के तहत राज्य सरकार ने जहां जलाशय मछलियों पर पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू किया है, वहीं रॉयल्टी दर को घटाकर मात्र 1 प्रतिशत कर दिया गया है।सरकार के इस फैसले के तहत अब जलाशयों से मिलने वाली मछलियों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम एमएसपी तय किया गया है। यदि नीलामी के दौरान मछली का भाव 100 रुपये से कम रहता है, तो सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रति किलोग्राम अधिकतम 20 रुपये तक की सब्सिडी सीधे मछुआरों के खातों में देगी। इससे मछुआरों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी और उनकी आय सुनिश्चित होगी।
सबसे बड़ी राहत रॉयल्टी को लेकर दी गई है। पहले जहां यह 15 प्रतिशत थी, उसे घटाकर पहले 7.5 प्रतिशत किया गया और अब इसे और कम करते हुए मात्र 1 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों मछुआरों को सीधा लाभ मिलेगा और उनका आर्थिक बोझ काफी कम होगा।राज्य में मत्स्य क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। वर्ष 2024-25 में जहां कुल मछली उत्पादन 19,019 मीट्रिक टन था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 20,005 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यह वृद्धि सरकार की योजनाओं और मत्स्य विकास के लिए उठाए गए कदमों का सकारात्मक परिणाम मानी जा रही है।
प्रदेश के प्रमुख जलाशयों—गोबिंदसागर, पौंग डैम, रणजीत सागर, चमेरा और कोल डैम—में मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने के लिए उन्नत फिंगरलिंग्स की स्टॉकिंग जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। इसके चलते जलाशयों से उत्पादन 2022-23 के 549.35 मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 818.02 मीट्रिक टन हो गया है।सरकार का मानना है कि इन नीतिगत फैसलों से न केवल मछुआरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि मत्स्य क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी। साथ ही, सतत मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।