महिला आरक्षण पर कांग्रेस घिरी, भाजपा ने साधा निशाना—‘नारे बनाम नीयत’ पर तेज हुई सियासत
Himachalnow / शिमला
महिला आरक्षण के मुद्दे पर हिमाचल की सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के सवाल पर कांग्रेस का “दोहरा चरित्र” सामने आ गया है। भाजपा की ओर से उन्होंने दावा किया कि पार्टी संगठन में 33 प्रतिशत से अधिक महिला भागीदारी सुनिश्चित की गई है और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर दिए जा रहे हैं।
शिमला
महिला आरक्षण के मुद्दे पर हिमाचल की सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के सवाल पर कांग्रेस का “दोहरा चरित्र” सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” जैसे नारों के बावजूद कांग्रेस ने निर्णायक मौकों पर महिलाओं के सशक्तिकरण का साथ नहीं दिया।पायल वैद्य ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृशक्ति को पंचायत से संसद तक 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस पर विरोध का रास्ता अपनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब कांग्रेस पीछे क्यों हट गई।
उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पुराने नारे का जिक्र करते हुए कहा कि जो नेतृत्व महिलाओं की आवाज बुलंद करने की बात करता है, वही संसद में ऐसे विधेयक पर मजबूती से खड़ा नहीं दिखा। उनके मुताबिक यह अंतर कांग्रेस की “नीति और नीयत” दोनों को उजागर करता है।प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए वैद्य ने आरोप लगाया कि हिमाचल में भी महिलाओं को संगठन और सत्ता में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला। हालिया संगठनात्मक फेरबदल का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर तक महिलाओं को उचित जगह नहीं दी गई, जिससे पार्टी का महिला विरोधी चेहरा सामने आता है।
भाजपा की ओर से उन्होंने दावा किया कि पार्टी संगठन में 33 प्रतिशत से अधिक महिला भागीदारी सुनिश्चित की गई है और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे भाजपा और कांग्रेस के बीच “स्पष्ट अंतर” बताया।इसी मुद्दे को लेकर भाजपा 23 अप्रैल को शिमला में “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” आयोजित कर रही है। पायल वैद्य ने कहा कि इस पदयात्रा में प्रदेशभर से महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल होंगी और कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का यह आक्रोश आने वाले चुनावों में बड़ा असर डालेगा और प्रदेश की राजनीति में बदलाव का आधार बनेगा। उनके अनुसार अब महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हैं और “नारे नहीं, परिणाम” चाहती हैं।अंत में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का यह उभार आने वाले समय में सियासी तस्वीर बदल सकता है और कांग्रेस को इसका जवाब जनता के बीच देना पड़ेगा।