महुआ मोइत्रा ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के तरीके पर उठाए सवाल, सरकार को दी सलाह
26 दिन के अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से चर्चा के बाद अपना अनशन समाप्त किया। इसके बाद टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज होती है”, और जेपी नड्डा के हाथों वांगचुक का अनशन समाप्त कराए जाने के तरीके पर अपनी टिप्पणी साझा की।
नई दिल्ली
26 दिन बाद समाप्त हुआ सोनम वांगचुक का अनशन
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ हुई चर्चा के बाद समाप्त कर दिया। देर रात दोनों केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी में जेपी नड्डा ने उन्हें तरल पदार्थ पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। वांगचुक ने बताया कि सरकार की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
महुआ मोइत्रा ने एक्स पर दी प्रतिक्रिया
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि वह सोनम वांगचुक का सम्मान करती हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर शुभकामनाएं देती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के साथ आगे की बातचीत के दौरान आंदोलन के मूल उद्देश्य और 26 दिनों में बनी नैतिक स्थिति को कमजोर नहीं होने देना चाहिए। महुआ मोइत्रा ने यह भी कहा कि यदि अनशन समाप्त करना ही था तो यह किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से भी कराया जा सकता था। अपनी टिप्पणी में उन्होंने लिखा, “ऑप्टिक्स नाम की भी कोई चीज होती है”, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हुई।
आंदोलन और सरकार की रणनीति पर रखी अपनी राय
महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि आंदोलन को उसके मूल मुद्दों से अलग नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन और विपक्ष के साथ अलग-अलग स्तर पर संवाद की रणनीति अपना रही है। अपने पोस्ट में उन्होंने इसे “बांटो और राज करो” की नीति बताते हुए दावा किया कि सरकार वांगचुक के साथ समझौता कर आंदोलन की दिशा बदलने, विपक्ष के साथ सीमित बातचीत करने और प्रदर्शनकारियों के प्रति अलग रुख अपनाने की कोशिश कर रही है। हालांकि यह टिप्पणी महुआ मोइत्रा का राजनीतिक बयान है, जिस पर केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
सरकार और प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित बैठक
इस घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच बैठक प्रस्तावित है। जानकारी के अनुसार बैठक दोपहर लगभग 12:30 बजे आयोजित होने की संभावना है। संबंधित पक्षों की सहमति के बाद बैठक के लिए न्यूट्रल स्थान तय किया गया है, जिसे सरकार ने स्वीकार किया है। इस बैठक में आंदोलन से जुड़ी प्रमुख मांगों और आगे की प्रक्रिया पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक से पहले हुई तैयारियां
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर वार्ता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। माना जा रहा है कि बैठक में आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। वहीं, सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद अब आगे की बातचीत और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।