मनाली कचरा प्रबंधन मामले में हाईकोर्ट ने नगर परिषद और कंपनी प्रतिनिधि को पेश होने के निर्देश दिए
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मनाली के रंगरी क्षेत्र में ठोस कचरा और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन को लेकर सुनवाई की। अदालत ने नगर परिषद मनाली और संबंधित कंपनी से अगली सुनवाई पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
शिमला
कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की टिप्पणी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मनाली के रंगरी क्षेत्र में ठोस कचरे और लीगेसी वेस्ट के निपटान से जुड़े मामले में नगर परिषद मनाली और निजी कंपनी सनटैन लाइफ प्राइवेट लिमिटेड की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए नगर परिषद मनाली के अधिशासी अधिकारी और कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
गीले कचरे के निपटान व्यवस्था पर उठे सवाल
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि नगर परिषद मनाली के पास गीले कचरे के उपचार की स्थानीय व्यवस्था उपलब्ध नहीं है और इसे लगभग 300 किलोमीटर दूर अंबाला के जाटवार स्थित बायोगैस प्लांट तक भेजा जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि नियमों के अनुसार कचरे को स्रोत स्तर पर गीले और सूखे रूप में अलग किया जाना आवश्यक है। अदालत के समक्ष प्रस्तुत जानकारी के अनुसार प्लांट को मिलने वाले कुल 28.78 टन कचरे में से लगभग 85 प्रतिशत मिश्रित कचरा है, जबकि केवल 15 प्रतिशत कचरा पृथक रूप में पहुंच रहा है।
निरीक्षण रिपोर्ट में प्रदूषण संबंधी तथ्य सामने आए
सुनवाई के दौरान निरीक्षण रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कचरे से निकलने वाला लीचेट बिना उपचार के सीधे ब्यास नदी में बह रहा था। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानों पर कचरा खुले क्षेत्र में भी पाया गया। मामले में पर्यावरण प्रदूषण से संबंधित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद मनाली पर 15 लाख 30 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। वहीं ठोस कचरे के अवैज्ञानिक निपटान को लेकर 2 करोड़ 83 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त जुर्माना भी निर्धारित किया गया है।
अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी
अदालत ने नगर परिषद और संबंधित कंपनी से पूछा है कि निर्धारित मुआवजा और जुर्माना राशि अभी तक क्यों जमा नहीं करवाई गई। मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है, जिसमें कचरा निपटान की आगामी योजना और व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। कंपनी की ओर से अदालत को बताया गया कि गीले कचरे के उपचार के लिए दो अतिरिक्त शेड का निर्माण कार्य जारी है। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को निर्धारित की गई है।
