मंडी जिले में पावर चेन सॉ रखने की जानकारी देना होगा अनिवार्य , वन विभाग ने सर्वे शुरू किया
Himachalnow / मंडी
अवैध कटान रोकने के लिए वन विभाग की नई पहल
मंडी। जिला मंडी में अब घरों पर पेट्रोल से चलने वाली लकड़ी काटने की आरी (पावर चेन सॉ) रखने की जानकारी वन विभाग को देना अनिवार्य होगा। वन विभाग ने सर्वेक्षण शुरू कर जिले में पावर चेन सॉ धारकों की सूची तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है। मुख्य वन अरण्यपाल अजीत ठाकुर ने बताया कि हाल के वर्षों में इसकी खरीद तेजी से बढ़ी है, जिससे वनों में अवैध कटान की घटनाएं बढ़ गई हैं।
अवैध कटान पर रोक लगाने की रणनीति
वन विभाग ने यह तय किया है कि जिन लोगों के पास पावर चेन सॉ है, उनकी एक सूची बनाई जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में वनों के अवैध कटान की घटनाएं सामने आती हैं, तो विभाग उस क्षेत्र में पावर चेन सॉ रखने वालों से भी पूछताछ करेगा। यह कदम जंगलों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
पावर चेन सॉ के लिए कोई नीति नहीं, अवैध उपयोग पर विभाग की सख्त नजर
मुख्य वन अरण्यपाल अजीत ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में आरा मशीनों और वन आधारित उद्योगों के लिए नियम और नीति मौजूद हैं, लेकिन पावर चेन सॉ के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए अब तक कोई ठोस नीति नहीं बनी है। इसीलिए, वन विभाग अब खुद इसका डेटा तैयार कर अवैध कटान पर नियंत्रण की दिशा में काम करेगा।
सस्ता और आसानी से मिलने वाला उपकरण बना जंगलों के लिए खतरा
वन विभाग के अनुसार, पावर चेन सॉ अब बेहद कम कीमत पर उपलब्ध होने के कारण इसकी खरीद तेजी से बढ़ रही है। लोग 7,000 से 10,000 रुपये तक में इसे आसानी से खरीद रहे हैं, जिससे जंगलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। विभाग इस पर नियंत्रण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने पर विचार कर रहा है।
वन विभाग ने जनता से मांगी जानकारी
वन विभाग ने जिले के नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उनके पास पावर चेन सॉ मौजूद है, तो इसकी जानकारी वन विभाग को अनिवार्य रूप से दें। यह कदम वन संरक्षण और अवैध कटान की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।