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Solar Village / पीएम सूर्य घर योजना में मेहली बनेगा मॉडल सोलर विलेज, एक करोड़ प्रोत्साहन राशि स्वीकृत

PRIYANKA THAKUR • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

Solar Village : शिमला जिले की मेहली ग्राम पंचायत को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मॉडल सोलर विलेज के रूप में चयनित किया गया है। योजना के अंतर्गत पंचायत को एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। जिला स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति और क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

शिमला

मेहली ग्राम पंचायत का चयन और प्रक्रिया

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शिमला जिला की मेहली ग्राम पंचायत को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसमें योजना के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रारंभिक चरण में त्याल, छकड़ैल, दत्त नगर, कितबाड़ी, परहेच, शिंगला, सराहन, कुमारसैन, बौंडा और मेहली सहित दस गांवों का चयन किया गया था और सभी को 28 फरवरी 2026 तक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का समय दिया गया था। इनमें से केवल मेहली ग्राम पंचायत ही निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर पाई, जिसके आधार पर इसे मॉडल सोलर विलेज के लिए चयनित किया गया।

प्रोत्साहन राशि और योजना की प्रगति

योजना के तहत चयनित पंचायत को एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जो सौर ऊर्जा के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास में उपयोग की जाएगी। जिला में इस योजना के अंतर्गत अब तक 657 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 231 आवेदनों में सोलर इंस्टॉलेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। इन परियोजनाओं से कुल 803 किलोवाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की गई है, जबकि 231 परियोजनाओं का निरीक्षण पूरा किया जा चुका है और 204 आवेदनों में सब्सिडी जारी की गई है। यह आंकड़े योजना के चरणबद्ध क्रियान्वयन और तकनीकी प्रक्रिया को दर्शाते हैं।

जागरूकता, पात्रता और क्रियान्वयन प्रक्रिया

समीक्षा बैठक में योजना के प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा को अपनाएं और योजना का लाभ ले सकें। योजना के तहत 2 किलोवाट तक की सौर इकाइयों पर 60 प्रतिशत और 2 से 3 किलोवाट तक की अतिरिक्त क्षमता पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 3 किलोवाट है। इसके अंतर्गत लगभग 85 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। आवेदन के लिए लाभार्थी का भारतीय नागरिक होना, वैध बिजली कनेक्शन होना और सौर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त छत उपलब्ध होना अनिवार्य है।

कार्यान्वयन एजेंसियां और तकनीकी लाभ

यह योजना हिमऊर्जा और राज्य विद्युत विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसमें आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाती है। स्वीकृति मिलने के बाद आवेदक को अधिकृत वेंडर के माध्यम से सोलर पैनल स्थापित करवाना होता है। ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम से उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बचत होती है, साथ ही अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं होती और बिजली वितरण प्रणाली पर भार कम होता है। एक किलोवाट सोलर संयंत्र से प्रतिदिन लगभग 3 से 4 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है, जिससे ऊर्जा प्रबंधन अधिक प्रभावी बनता है।