मणिमहेश यात्रा: डल झील व कमलकुंड में महिलाओं के स्नान पर रोक, गौरीकुंड में व्यवस्था
मणिमहेश यात्रा के दौरान इस बार महिलाएं पवित्र डल झील और कमलकुंड में स्नान नहीं कर सकेंगी। डल की परिक्रमा और चरणामृत ग्रहण करने के बाद लौटते समय उनके लिए गौरीकुंड में स्नान की व्यवस्था रहेगी। पुजारियों के इस निर्णय का भरमौर प्रशासन ने भी समर्थन किया है।
भरमौर
इससे पहले पवित्र डल झील के किनारे टेंट लगाकर महिलाओं के स्नान की व्यवस्था की जाती थी। वर्ष 2025 में आई आपदा के बाद पुजारियों ने धार्मिक मान्यताओं के आधार पर डल झील और कमलकुंड में महिलाओं के स्नान पर रोक लगाने का निर्णय लिया। प्रशासन के अनुसार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
श्रद्धालुओं की अलग-अलग राय
लंबे समय से मणिमहेश यात्रा में शामिल होते रहे श्रद्धालुओं की इस बदलाव को लेकर अलग-अलग राय है। कुछ श्रद्धालु इसे धार्मिक मान्यताओं और सुरक्षा की दृष्टि से उचित मान रहे हैं, जबकि कुछ लोगों को वर्षों पुरानी व्यवस्था में बदलाव असामान्य लग रहा है। डल झील में स्नान की अनुमति नहीं मिलने से कई महिला श्रद्धालुओं को निराशा भी हुई है।
जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को करीब दस हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र डल में स्नान किया। महिला श्रद्धालुओं ने कैलाश दर्शन के बाद गौरीकुंड में आस्था की डुबकी लगाई। एडीएम भरमौर विकास शर्मा के अनुसार पवित्र डल और कमलकुंड में महिलाओं के स्नान पर रोक का निर्णय पुजारियों ने धार्मिक दृष्टि से लिया है तथा महिलाओं के लिए गौरीकुंड में स्नान की सुविधा उपलब्ध रहेगी।