स्व. मनोहर सिंह की जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित
Himachalnow / धर्मशाला
धर्मशाला के डिग्री कॉलेज के प्रेक्षागृह में भाषा एवं संस्कृति अकादमी हिमाचल प्रदेश द्वारा स्व. मनोहर सिंह जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए रंगकर्मियों, कलाकारों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मनोहर सिंह के रंगमंचीय योगदान, अभिनय शैली और हिंदी थिएटर में उनके महत्वपूर्ण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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उद्घाटन सत्र और वक्तव्यों का विवरण
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में अतिरिक्त उपायुक्त जिला कांगड़ा विनय कुमार ने मनोहर सिंह को हिंदी रंगमंच का महान अभिनेता बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को गर्व है कि ऐसी प्रतिभा राज्य से संबंध रखती थी, जिन्होंने अपने अभिनय से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। सत्र की अध्यक्षता डॉ. गौतम शर्मा व्यथित ने की, जिन्होंने उन्हें रंगमंच का अनुशासित सिपाही बताते हुए उनके योगदान को यादगार बताया।
रंगकर्म और अभिनय यात्रा पर प्रस्तुति
वरिष्ठ रंगकर्मी एवं निर्देशक प्रवीण चांदला ने मनोहर सिंह के जीवन और अभिनय यात्रा पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसमें उनके प्रमुख नाटकों जैसे ओथेलो, तुगलक, आधे-अधूरे और अंधा युग में निभाई गई भूमिकाओं का उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि मनोहर सिंह ने शेक्सपीयर, ब्रेख्त, गिरीश कर्नाड और मोहन राकेश जैसे नाटककारों की रचनाओं को अपने अभिनय से जीवंत किया और हिंदी रंगमंच को नई पहचान दिलाई।

रंगमंचीय योगदान और निर्देशन कार्य
प्रवीण चांदला ने यह भी बताया कि मनोहर सिंह केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक कुशल निर्देशक और रंगकर्मी भी थे। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली के रंगमंडल प्रमुख के रूप में कार्य करते हुए रंगमंच के विकास में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में उपस्थित रंगकर्मियों ने उनके जीवन, संघर्ष और कला के प्रति समर्पण पर अपने विचार साझा किए।
द्वितीय सत्र में नाट्य प्रस्तुति
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में नाट्यनुकृति शिमला की ओर से नाटक ‘जहर’ का मंचन किया गया, जिसके लेखक पंकज सोनी हैं और निर्देशन संजय सूद ने किया। दो पात्रों पर आधारित इस नाटक में संजय सूद और निशांत रघु ने प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक अंत तक जुड़े रहे। प्रस्तुति को निर्देशन और अभिनय दोनों दृष्टियों से सराहा गया।