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एमबीबीएस इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने पर विचार, बजट में प्रावधान का प्रयास करेगी सरकार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 55 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में वृद्धि करने पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह जानकारी डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान दी।

हमीरपुर/हमीरपुर

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने चिकित्सा शिक्षा, आर्थिक सहायता, कॉलेज के बुनियादी ढांचे, विदेश में एक्सपोजर विजिट और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े प्रश्न पूछे। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे।

मेडिकल कॉलेज में विकसित होगा नया बुनियादी ढांचा

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आधुनिक एम्फिथियेटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त छात्र और छात्राओं के लिए 300-300 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावासों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। जापान की एक कंपनी के सहयोग से कॉलेज का लेआउट प्लान तैयार किया गया है। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से पीजी और एमबीबीएस के 10-10 विद्यार्थियों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के लिए चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। चयनित विद्यार्थी विदेश में चिकित्सा क्षेत्र की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पीजी सीटों की संख्या आठ से बढ़कर 57 हो गई है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पहले कुल 277 पीजी सीटें थीं, जबकि इस वर्ष 320 अतिरिक्त सीटें मिलने के बाद इनकी कुल संख्या 597 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देने, शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए प्रयासरत है।

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