CSAM और डीपफेक कंटेंट की गलतियों पर मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी, PM मोदी का वीडियो हटाने पर भी Meta ने जताया खेद
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (CSAM), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने माना कि कुछ खास तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए काफी पैसे दिए गए थे। उन्होंने इस गलती पर अफसोस भी जताया। मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट और वीडियो हटाने को लेकर भी माफी मांगी है।
भारत सरकार ने मेटा से कहा है कि कंपनी इंटरमीडियरी की परिभाषा के दायरे में नहीं आती, क्योंकि वह खुद तय करती है कि कौन-सा कंटेंट किसे मिलेगा। सरकार के अनुसार, ऐसी स्थिति में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा उस पर लागू नहीं होती।
जोएल कपलन ने मंत्री से मांगी माफी
मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट को रोकने की गलती के लिए कंपनी की ओर से मंत्री से माफी मांगी। कपलन और उनकी टीम ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी। मेटा की ग्लोबल टीम ने आईटी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की।
बैठक में प्रधानमंत्री की पोस्ट पर की गई गलत कार्रवाई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर CSAM सामग्री को प्रभावी तरीके से रोकने में हुई चूक और अन्य नियामकीय मुद्दों पर चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार, मेटा के अधिकारियों को दोबारा बुलाया जाएगा।
संसदीय समिति ने दिया था तीन दिन का समय
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, संसद की एक स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को माफी मांगने के लिए तीन दिन का समय दिया था। समिति ने उन इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी, जिन पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक कंटेंट मौजूद है।
वीडियो हटाए जाने के बाद हुआ था विवाद
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने पेपर लीक के मामलों में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। स्रोत में दी गई जानकारी के मुताबिक, वीडियो इंस्टाग्राम पर 24 घंटे में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वीडियो बन गया था।
बाद में फेसबुक ने इस वीडियो को हटा दिया, जिसके बाद विवाद हुआ और केंद्र सरकार ने कंपनी के अधिकारियों को तलब किया। विवाद के बाद मेटा के प्रवक्ता ने कहा था कि कंटेंट गलती से हटाया गया था और उसे बहाल कर दिया गया है।