लापता आर्या को जिंदा दिखाने का दावा, परिवार ने बाबा की बात को बताया पाखंड
बाबा के ‘नाखून पर आर्या को जिंदा दिखाने’ के दावे को परिवार ने बताया ढोंग
संगड़ाह। लाना-चेता पंचायत से छह सितंबर से लापता चार वर्षीय बच्ची आर्या के परिवार ने सोलन जिला के कठनी स्थित 11 मुखी हनुमान जी मंदिर के बाबा रघुवंशी के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्हें पाखंड बताया है। परिवार का आरोप है कि बच्ची के लापता होने के बाद बाबा ने सोशल मीडिया पर आर्या के जिंदा और बेहोश होने का दावा किया, जिसके बाद परिजन उनकी बात पर भरोसा कर कठनी पहुंचे। इसके बावजूद अब बाबा द्वारा नाखून पर आर्या को जंगल में दिखाने का दावा किया जा रहा है।
आर्या के माता-पिता, बहन, ताया और ताई ने कहा कि चार वर्षीय बच्ची के लापता होने से परिवार पहले ही गहरे सदमे में है। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर बच्ची के जिंदा होने के दावे से उन्हें उम्मीद बंधी और वे बाबा तक पहुंचे, लेकिन बाद में किए जा रहे दावों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। परिवार ने कहा कि यदि बाबा को बच्ची के बारे में कोई वास्तविक जानकारी थी तो उसे संबंधित पुलिस और प्रशासन को उपलब्ध करवाना चाहिए था। परिजनों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि बच्ची के लापता होने जैसे संवेदनशील मामले में इस तरह के दावे करने वालों के खिलाफ तथ्यों की जांच की जाए और यदि दावे भ्रामक पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि आर्या की तलाश में स्थानीय ग्रामीणों के अलावा पुलिस, एनडीआरएफ और खोजी कुत्तों की टीमें भी जुटी हुई हैं। अब तक दो सौ से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिवार का आरोप है कि आपदा की इस घड़ी में कुछ लोग सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे दावे कर रहे हैं, जिससे परिजनों की परेशानी और बढ़ रही है।