जल्द साकार होगा नाहन मेडिकल कॉलेज से एमडी बनने का सपना
जिला सिरमौर स्थित डॉ. वाईएस परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन से अब एमबीबीएस छात्रों के लिए एमडी बनने का सपना जल्द साकार हो सकता है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) यदि निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट के आधार पर मंजूरी प्रदान करता है तो नाहन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के बाद विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा विषयों में पीजी शिक्षा का रास्ता खुल जाएगा। इससे जिले के विद्यार्थियों को एमबीबीएस के बाद विशेषज्ञता हासिल करने के लिए दूसरे मेडिकल कॉलेजों पर निर्भरता कम हो सकती है।
नाहन
मथुरा से आई निरीक्षण टीम ने एमडी मेडिसिन की पांच सीटों के लिए किया निरीक्षण, अन्य तीन विभागों में भी पीजी सीटों का प्रस्ताव
मंगलवार को एमडी मेडिसिन की पांच सीटों के लिए मथुरा से आई निरीक्षण टीम ने नाहन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम ने एमडी मेडिसिन के लिए उपलब्ध फैकल्टी, अस्पताल में मरीजों का क्लीनिकल लोड, ओपीडी और आईपीडी सेवाओं, वार्ड व्यवस्था, आईसीयू सहित चिकित्सा सुविधाओं, उपकरणों, प्रयोगशाला, मेडिकल रिकॉर्ड और पीजी प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध शिक्षण संसाधनों का जायजा लिया।
पीजी सीटों की मंजूरी के लिए मेडिकल कॉलेज में केवल संबंधित विभाग की फैकल्टी ही नहीं, बल्कि पर्याप्त मरीजों और क्लीनिकल केस, आवश्यक चिकित्सा जांच सुविधाएं, अस्पताल का आधारभूत ढांचा, शिक्षण संसाधन और पीजी विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए जरूरी व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। निरीक्षण टीम इन्हीं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध व्यवस्थाओं का आकलन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके बाद एनएमसी के स्तर पर सीटों की मंजूरी को लेकर आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार एमडी मेडिसिन की पांच सीटों के अलावा ऑर्थोपेडिक्स में एमएस की तीन, एनेस्थीसिया में एमडी की पांच और जनरल सर्जरी में एमएस की तीन सीटें शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इन प्रस्तावित सीटों को मंजूरी मिलने पर नाहन मेडिकल कॉलेज में कुल 16 पीजी सीटों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हो सकती है।
नाहन मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में एमबीबीएस की 120 सीटें हैं और छठा बैच चल रहा है। ऐसे में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होना मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक विस्तार की दिशा में बड़ा कदम होगा। एमबीबीएस के बाद इसी संस्थान में पीजी शिक्षा की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए आगे की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। साथ ही मेडिकल कॉलेज में पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों की मौजूदगी से क्लीनिकल सेवाओं और विभिन्न विभागों की शैक्षणिक गतिविधियों को भी विस्तार मिलने की संभावना है।
पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने का लाभ केवल मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। नाहन मेडिकल कॉलेज सिरमौर का प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान होने के कारण यहां विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा शुरू होने से भविष्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को भी बल मिल सकता है।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य संगीत ढिल्लों ने मंगलवार को एमडी मेडिसिन की पांच सीटों के लिए हुए निरीक्षण की पुष्टि करते हुए बताया कि कॉलेज में वर्तमान में एमबीबीएस का 9th बैच चल रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पीजी सीटों के लिए निरीक्षण इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।