नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को जागरूक करने पर दिया गया जोर
नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और सामूहिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के साथ प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई।
सोलन
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के प्रबंध निदेशक अजय यादव ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों तथा आमजन को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा नागरिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
युवाओं को जागरूक करने पर बल
अजय यादव ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है और इससे युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सामाजिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए परिवार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा प्रशासन को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों को जनसहयोग मिलने पर ही अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।
अभियान के उद्देश्यों पर चर्चा
उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 17 जून से 26 जून 2026 तक नशा मुक्त भारत अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम ‘नशा मुक्त भारत अभियान: विकसित भारत की पहचान’ निर्धारित की गई है। अभियान के दौरान स्कूलों, महाविद्यालयों, पंचायतों तथा विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र, प्रतियोगिताएं और जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और समुदायों तक पहुंच बनाकर नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नशा मुक्त वातावरण के निर्माण में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रतियोगिताएं और शपथ ग्रहण
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्रों एवं अन्य प्रतिभागियों को नशा मुक्त भारत विषय पर शपथ दिलाई गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी, कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा विषय आधारित प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों की जानकारी प्रदान की गई तथा नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने रखे विचार
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के संयुक्त निदेशक सुरेश शर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी से ही ऐसे अभियानों को सफल बनाया जा सकता है। जिला कल्याण अधिकारी सोलन विवेक अरोड़ा ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों तथा अभियान के तहत प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी साझा की।
130 लोगों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन की प्राचार्य गीतांजली कश्यप, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी के प्रधान जगदीश भारद्वाज, सीनियर सिटीजन फोरम से प्रो. आर.के. पठानिया, ज्ञान विज्ञान समिति से डॉ. बी.एस. पंवार सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा अन्य प्रतिभागियों सहित लगभग 130 लोगों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत अभियान के संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने और जागरूकता गतिविधियों में सहयोग देने का संकल्प भी लिया।
