हिमाचल प्रदेश में इस महीने से डिपुओं में प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का आटा उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 15 दिसंबर को इसकी लॉन्चिंग करेंगे। यह आटा 1 किलो और 5 किलो पैकिंग में मिलेगा।
मक्की का आटा: एक नई पहल
हिमाचल प्रदेश में अब उपभोक्ताओं को गेहूं, चावल, दालों, और सरसों तेल के अलावा प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का आटा भी मिलेगा। यह आटा 1 किलो और 5 किलो पैकिंग में प्रदेश के डिपुओं में उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री सुक्खू की सरकार ने यह पहल शुरू की है ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिले और उपभोक्ताओं को स्वस्थ, रासायनिक मुक्त आहार मिले।
मुख्यमंत्री की लॉन्चिंग और मक्की की खरीद प्रक्रिया
सुक्खू सरकार ने प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की खरीद प्रक्रिया 25 अक्टूबर से शुरू की थी। इस पहल के तहत किसानों से 30 रुपये प्रति किलो की दर से मक्की खरीदी जा रही है। अब तक करीब 400 मीट्रिक टन मक्की खरीदी जा चुकी है और हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में स्टोर की गई है। मुख्यमंत्री 15 दिसंबर को डिपुओं में मक्की के आटे की उपलब्धता की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
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पैकिंग और उपलब्धता
इस महीने से उपभोक्ताओं को डिपुओं में मक्की का आटा 1 किलो और 5 किलो की पैकिंग में उपलब्ध होगा। इसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने 15 मिलों को चिन्हित किया है, जहां से यह आटा पिसकर डिपुओं तक पहुंचेगा। विशेषकर सर्दियों में मक्की के आटे की मांग अधिक रहती है, और यह आटा रसायनमुक्त और कीटनाशक रहित होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
मक्की की खरीद से किसानों को मिल रहा लाभ
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की को 30 रुपये प्रति किलो की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसान अपनी मक्की सरकार को बेच सकते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से फायदा हो रहा है। इस साल, 13,304 हेक्टेयर भूमि पर 27,768 मीट्रिक टन मक्की उगाई गई थी, और किसानों से 400 मीट्रिक टन मक्की खरीदने का लक्ष्य पूरा किया गया है।
किसानों को मिल रहा समर्थन
हिमाचल में 3,218 प्रमाणित किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा समर्थन मिल रहा है। यह योजना किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण और सतत कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कृषि विभाग का बयान
नेचुरल फार्मिंग के डिप्टी डायरेक्टर मोहिंदर सिंह भवानी ने कहा, “सरकार ने प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है, और इस सीजन में 10 जिलों से 508 मीट्रिक टन मक्की खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, कारोबारियों ने भी किसानों से अधिक कीमत पर मक्की खरीदी, जिसके कारण थोड़ा लक्ष्य कम पूरा हुआ है।”
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई इस प्राकृतिक खेती आधारित मक्की की खरीद और आटे की डिपुओं में उपलब्धता की योजना से न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी एक स्वस्थ और प्राकृतिक विकल्प प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में यह पहल राज्य की कृषि और खाद्य नीति में एक नया अध्याय जोड़ रही है, जो राज्य की समृद्धि और किसानों की खुशहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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