NDPS / 9.51 ग्राम चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को नहीं मिली जमानत
NDPS / बिलासपुर की विशेष अदालत ने 9.51 ग्राम चिट्टा बरामदगी मामले में गिरफ्तार आरोपी गुरिंदर सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास, नशे से जुड़े अपराधों की पुनरावृत्ति की आशंका और मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार किया। आरोपी नंद बैहल-टोबा का निवासी है और फिलहाल उसे जेल में ही रहना होगा।
बिलासपुर
यह मामला 18 अगस्त को कोट कहलूर थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार श्री नयनादेवी जी में श्रावण मेले के दौरान टोबा गेट के पास पुलिस टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वे भागने लगे। पुलिस के मुताबिक पीछे बैठा युवक नीचे उतरकर पुलिसकर्मियों से उलझ गया, जबकि दूसरा युवक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। पकड़े गए युवक की पहचान गुरिंदर सिंह के रूप में हुई।
पुलिस का दावा है कि थाने में राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी और स्वतंत्र गवाह के सामने आरोपी की तलाशी ली गई। इस दौरान उसके कपड़ों से एक पॉलीथीन पैकेट बरामद हुआ, जिसमें 9.51 ग्राम चिट्टा पाया गया। बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद जमानत के लिए विशेष अदालत में याचिका दायर की गई, जिस पर विशेष न्यायाधीश ज्योत्सना सुमंत डढवाल ने आदेश जारी किया।
पुराने मामलों का भी हुआ उल्लेख
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज दो पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। अदालत ने कहा कि नशे से जुड़े मामलों में आरोपी के आपराधिक इतिहास और ऐसे अपराधों के समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखना आवश्यक है। इन्हीं तथ्यों और मामले की परिस्थितियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया।