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NDPS: कांगड़ा में नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर होगी कार्रवाई, कब्जे हटेंगे

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

NDPS: कांगड़ा जिले में नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकारी भूमि पर नशा तस्करों के अवैध कब्जे और निर्माण भी हटाए जाएंगे। धर्मशाला में आयोजित एनकॉर्ड की जिला स्तरीय बैठक में उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अधिकारियों को कार्रवाई तेज करने, नशा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने तथा स्कूलों और पंचायतों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।

धर्मशाला

एनआईसी सभागार में सोमवार को आयोजित राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल यानी एनकॉर्ड की जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की। बैठक में नशा तस्करी पर नियंत्रण, प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में प्रभावी कार्रवाई और पीआईटी-एनडीपीएस के प्रावधानों को लागू करने पर जोर दिया।

अवैध कब्जों और हॉटस्पॉट पर निगरानी

उपायुक्त ने कहा कि नशा तस्करों द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के मामलों में कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाए और अवैध निर्माण नियमानुसार हटाए जाएं। सभी एसडीएम को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नशा प्रभावित क्षेत्रों में गठित नशा निवारण समितियों को सक्रिय करने, चिन्हित हॉटस्पॉट पर लगातार निगरानी रखने और स्थानीय सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए भी कहा गया।

स्वास्थ्य विभाग को डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, टांडा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ओपिओयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी सेवाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने नशा मुक्ति उपचार और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने के साथ जेलों में बंद नशे से संबंधित आरोपियों की नियमित काउंसलिंग, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कानूनी कार्रवाई के साथ उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन पर भी समान ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

स्कूलों और पंचायतों में बढ़ेगी जागरूकता

उपायुक्त ने सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, अस्पतालों और नगर निकायों की एलईडी स्क्रीन पर ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान के संदेशों का प्रचार करने के निर्देश दिए। पंचायतों में विभिन्न विभागों के अधिकारी स्कूलों का नियमित दौरा कर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे। शिक्षा विभाग को विद्यालयों के प्रहरी क्लब सक्रिय करने और एसएएमवीएएडी कार्यक्रम के तहत नियमित कार्यशालाएं, संवाद कार्यक्रम तथा काउंसलिंग सत्र आयोजित करने के लिए कहा गया।

विद्यालयों को परिसर या उसके आसपास नशे से संबंधित गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए। निजी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच और उनकी कार्यप्रणाली के मासिक मूल्यांकन के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने को भी कहा गया। उपायुक्त ने विभागों को गतिविधियों का नियमित दस्तावेजीकरण करते हुए आपसी समन्वय से काम करने तथा जनभागीदारी के माध्यम से ‘नशा मुक्त कांगड़ा’ अभियान को व्यापक स्वरूप देने पर जोर दिया।

पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने जिले में नशा निवारण के लिए चलाए जा रहे अभियानों और अब तक की कार्रवाइयों की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में नगर निगम आयुक्त जफर इकबाल, पुलिस अधीक्षक देहरा संदीप धवल, पुलिस अधीक्षक नूरपुर इलमा अफरोज, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आबकारी, पंचायत और अन्य विभागों के अधिकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिले के एसडीएम, डीएसपी और बीएमओ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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