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NDPS / नूरपुर पुलिस की वित्तीय जांच के बाद 1.01 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियां फ्रीज

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

NDPS / नूरपुर पुलिस की वित्तीय जांच के आधार पर सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली ने 1,01,55,718 रुपये मूल्य की तीन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि की है। यह कार्रवाई वर्ष 2017 में इंदौरा पुलिस थाने में दर्ज हेरोइन बरामदगी के मामले से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार, एंटी चिट्टा अभियान के तहत नूरपुर पुलिस जिले में अब तक नशा तस्करों की 31,71,61,429 रुपये की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं।

कांगड़ा

पुलिस जिला नूरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मचन्द वर्मा ने बताया कि इंदौरा पुलिस थाने में 30 मई 2017 को दर्ज एफआईआर में दलवीरो नामक महिला के कब्जे से 6.50 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। अदालत ने एक अप्रैल 2025 को महिला को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले से संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन और उनके अर्जन के वैध स्रोतों की वित्तीय जांच की।

NDPS / नूरपुर पुलिस की वित्तीय जांच के बाद 1.01 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियां फ्रीज

जांच के आधार पर इंदौरा पुलिस ने 28 सितंबर 2026 को संपत्तियां फ्रीज करने का आदेश पारित कर पुष्टि के लिए सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली को भेजा था। वित्तीय जांच रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद सक्षम प्राधिकारी ने 26 अक्तूबर 2026 को आदेश जारी कर तीनों संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि कर दी। इन संपत्तियों का कुल निर्धारित मूल्य 1,01,55,718 रुपये बताया गया है।

आवासीय संरचनाएं और कार शामिल

फ्रीज की गई संपत्तियों में गांव छन्नी, तहसील इंदौरा में दलवीरो पत्नी स्वर्गीय अजय कुमार की 61,96,561 रुपये मूल्य की आवासीय संरचना शामिल है। इसी गांव में मिथुन उर्फ छप्पर पुत्र स्वर्गीय अजय कुमार की आवासीय संरचना, फर्नीचर, घरेलू उपकरण और अन्य सामान का कुल मूल्य 32,60,950 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त घारो देवी पुत्री स्वर्गीय अजय कुमार की 6,98,207 रुपये मूल्य की मारुति सुजुकी कार भी कार्रवाई के दायरे में लाई गई है।

NDPS / नूरपुर पुलिस की वित्तीय जांच के बाद 1.01 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियां फ्रीज

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट के तहत फ्रीजिंग आदेश की पुष्टि होने के बाद संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण, बिक्री या किसी अन्य तरीके से निपटान पर वैधानिक प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। पुलिस नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान तथा वित्तीय जांच पर भी ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य नशा तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और अवैध लाभ पर कानूनी कार्रवाई करना है।

पुलिस के मुताबिक, राज्यस्तरीय एंटी चिट्टा अभियान के अंतर्गत नूरपुर पुलिस जिले में अब तक नशा तस्करों की 31 करोड़ 71 लाख 61 हजार 429 रुपये मूल्य की संपत्तियां सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद फ्रीज की गई हैं। पुलिस ने आम लोगों से नशा तस्करी या अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से संबंधित सूचना साझा करने की अपील की है, ताकि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके।

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