NEET UG / प्रदर्शन की आड़ में छिपे अपराधियों को नहीं मिलेगी राहत, 19 अगस्त को अगली सुनवाई / सुप्रीम कोर्ट
NEET UG / नीट यूजी प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह देखा जाएगा कि दर्ज एफआईआर में कितने मामले ऐसे लोगों के खिलाफ हैं, जिनका आपराधिक इतिहास रहा है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन की आड़ में गंभीर अपराध करने वालों को राहत नहीं दी जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी।
नई दिल्ली
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल अपराधी तत्वों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा सकती। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना होगा कि मुकदमे वापस लेने या बंद करने की प्रक्रिया क्या होगी और किन मामलों में यह लागू होगी।
एफआईआर और बल प्रयोग पर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग, बिना वर्दी के लोगों की मौजूदगी तथा छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर सवाल उठाए। कुछ वकीलों ने कहा कि छोटे मामलों में आरोपित छात्रों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि सरकार ने 2,738 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं।
कमेटी गठन पर अगली सुनवाई में होगा विचार
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने भी अधिकारों का दुरुपयोग किया है तो उसे संरक्षण नहीं मिलेगा। वहीं, छात्रों की आड़ में छिपे अपराधी भी किसी रियायत के पात्र नहीं होंगे। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी, जिसमें प्रस्तावित समिति के गठन, उसके कार्यक्षेत्र और प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा। सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।