FIR / फेसबुक पर स्टॉक ट्रेडिंग में फर्जी मेंटरों के जाल में फंसकर लाखों की धोखाधड़ी
Himachalnow / शिमला
FIR :शिमला पुलिस ने फेसबुक पर स्टॉक ट्रेडिंग के फर्जी मेंटरों के जाल में फंसकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन क्लासेज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से भरोसा दिलाकर 6 लाख से अधिक रुपये का निवेश कराया गया, जिसके बाद प्लेटफॉर्म और आरोपियों से संपर्क बंद हो गया।
शिमला
फर्जी मेंटरों का जाल
शिकायतकर्ताओं राज बहादुर और उनकी चचेरी बहन कुलवंती ने पुलिस को बताया कि उन्होंने फेसबुक पर आदित्य सिंह नामक मेंटर से संपर्क किया था। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप बी 111 बीएसई और एनएसई ट्रेडिंग एनालिसिस बनाया गया, जिसमें एलिट अलाइंस नाम से ऑनलाइन क्लासेज का लिंक भेजा गया। दो मुख्य मेंटर प्रोफेसर आदित्य सिंह और डॉ. आरव थे, जिन्होंने 1 मार्च 2024 से 15 अप्रैल 2024 तक ऑनलाइन कक्षाओं में स्टॉक ट्रेडिंग की जानकारी दी।
धोखाधड़ी का तरीका
ऑनलाइन कक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं को सेबी से पंजीकृत कंपनियों का हवाला देकर खाता खुलवाया गया और ऑनलाइन एग्रीमेंट करवाया गया। राज बहादुर ने 2 लाख रुपये और कुलवंती ने 1.5 लाख रुपये का एग्रीमेंट किया। इसके बाद विभिन्न कंपनियों के आईपीओ में निवेश के नाम पर कुल 622,517 रुपये की राशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
ट्रेडिंग लिंक बंद और जांच
पैसे ट्रांसफर होने के अगले दिन, 8 मई 2024 को ट्रेडिंग लिंक डीएक्टिवेट हो गया। शिकायतकर्ताओं ने कई बार नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सभी नंबर बंद पाए गए। पुलिस ने छोटा शिमला थाने में आईपीसी की धारा 420 और 120 बी के तहत केस दर्ज किया और बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स व व्हाट्सएप चैट की गहन जांच शुरू कर दी है।
सावधानी की अपील
पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस तरह के ऑनलाइन दावों और लालच से सावधान रहें और किसी भी निवेश या क्लासेज में शामिल होने से पहले पंजीकरण और प्रमाण की जांच करें। जांच पूरी होने तक पुलिस आरोपियों तक पहुंचने और धन की वसूली के प्रयास कर रही है।