कांगड़ा / जवाली में एफडीआर तकनीक से बनेगी 9 सड़कें
Himachalnow / कांगड़ा
एफडीआर तकनीक से सड़कों का निर्माण
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लोक निर्माण मंडल जवाली के अंतर्गत एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) तकनीक से नौ सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 76 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
निर्माण कार्य की प्रगति
- हार-चेलियां-खब्बल संपर्क सड़क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
- जवाली-ढन-मतलाहड़ संपर्क सड़क का कार्य तेज़ी से चल रहा है। 5.5 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण में लगभग 6.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- आगामी चरण में जवाली-सुनेहड़-फारियां सड़क का कार्य शुरू किया जाएगा।
एफडीआर तकनीक क्या है?
एफडीआर तकनीक के तहत पहले से बनी सड़कों की पुरानी सामग्री को रिसाइकल किया जाता है। इसमें सीमेंट और कुछ विशेष कैमिकल मिलाए जाते हैं, जिससे सड़क की मजबूती बढ़ जाती है।
- लागत तारकोल से बनी सड़कों के समान होती है।
- सड़कों की मजबूती अधिक होती है और उनकी लाइफ स्पैन भी बढ़ जाती है।
अधिकारियों का बयान
लोक निर्माण विभाग जवाली के अधिशाषी अभियंता एम.एल. शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-3 के तहत इन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना और क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाना है।