NEET / NSUI नेता जस्सी नेगी ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई
NEET : एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश के राज्य महासचिव जस्सी नेगी ने नीट पेपर लीक की कथित घटना को लेकर परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती एवं परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही है।
शिमला
परीक्षा प्रणाली को लेकर जताई चिंता
एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश के राज्य महासचिव एवं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला प्रभारी जस्सी नेगी ने नीट पेपर लीक की कथित घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से विद्यार्थियों के बीच चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे। जस्सी नेगी ने कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और ऐसी घटनाएं उनके मनोबल को प्रभावित करती हैं।
बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठाए सवाल
उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं। जस्सी नेगी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों को लेकर छात्रों में असंतोष देखा जा रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान भर्ती प्रक्रियाओं में कई बार अनियमितताओं के आरोप सामने आए। उन्होंने विशेष रूप से मल्टी टास्क वर्कर जैसे पदों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे पदों में लगभग 4000 रुपये मासिक वेतन दिए जाने की व्यवस्था को लेकर भी शिक्षित युवाओं के बीच नाराजगी और चिंता देखी गई।
यूपीएससी परीक्षा को लेकर सार्वजनिक चर्चाओं का किया उल्लेख
जस्सी नेगी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पुत्री से जुड़ी सार्वजनिक चर्चाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर लगातार चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, ताकि सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों का विश्वास प्रणाली पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद कई छात्र लंबे समय तक तैयारी करते हैं और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
एनएसयूआई नेता ने पूरे देश में पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करवाई जानी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
