CUET UG को लेकर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान, NTA अब नहीं करेगी भर्ती परीक्षा आयोजित, होगा पुनर्गठन
Himachalnow / Delhi
2025 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन
केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन की घोषणा की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह जानकारी दी। पुनर्गठन के बाद NTA में 10 नए पद सृजित किए जाएंगे और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए कई बदलाव किए जाएंगे।
NTA के पुनर्गठन की मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में बताया कि:
- NTA का पुनर्गठन 2025 में होगा।
- 10 नए पद सृजित किए जाएंगे।
- NTA केवल उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एंट्रेंस परीक्षाएं आयोजित करेगा।
- NTA अब से भर्ती परीक्षाएं आयोजित नहीं करेगा।
NEET-UG: पेन-पेपर मोड या ऑनलाइन?
स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ NEET-UG के आयोजन पर चर्चा चल रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार यह विचार कर रही है कि परीक्षा को पेन-पेपर मोड में आयोजित किया जाए या इसे ऑनलाइन किया जाए।
इसके साथ ही, भविष्य में कंप्यूटर एडॉप्टिव टेस्ट और टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन परीक्षाएं आयोजित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
CUET-UG का आयोजन: साल में एक बार
केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET)-UG का आयोजन अब साल में केवल एक बार किया जाएगा।
पेपर लीक विवाद और NTA प्रमुख का तबादला
हाल ही में NEET-UG पेपर लीक विवाद ने देशभर में हलचल मचा दी थी। इसके बाद सरकार ने तत्कालीन NTA प्रमुख सुबोध कुमार सिंह का तबादला कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
पेपर लीक विवाद के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2024 में NEET UG परीक्षा को रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया।
- CJI ने कहा कि पेपर के व्यवस्थित लीक या अन्य कदाचार के आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस डेटा नहीं था।
परीक्षा सुधारों की ओर कदम
2025 के पुनर्गठन के साथ NTA में सुधारों को लागू करने का उद्देश्य शून्य-त्रुटि (Zero-Error) टेस्टिंग प्रणाली सुनिश्चित करना है। सरकार नई तकनीकों का उपयोग कर परीक्षा प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने पर ध्यान दे रही है।
निष्कर्ष
NTA के पुनर्गठन और नई परीक्षाओं की दिशा में यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में सुधार लाएगा और छात्रों के लिए अधिक पारदर्शी प्रणाली सुनिश्चित करेगा। इसके साथ ही, पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।