Pandoh Dam Wood / बादल फटने के बाद पंडोह डैम में लकड़ी जमा होने की जांच करेगी सीआईडी , मुख्यमंत्री ने दिए आदेश
Pandoh Dam Wood : भारी बारिश के बाद डैम में तैरती लकड़ियों पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, सरकार ने सीआईडी को सौंपी जांच
शिमला
पंडोह डैम में एकत्रित लकड़ियों की जांच सीआईडी को सौंपने का फैसला मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लिया है
आपदा के बाद गंभीर संज्ञान
हाल ही में आई आपदा के बाद पंडोह डैम में भारी मात्रा में लकड़ी जमा होने की घटना पर प्रदेश सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी है ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।
सरकार की प्राथमिकता : जान बचाना और राहत पहुंचाना
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जब भी बादल फटने और बाढ़ जैसी आपदाएं आती हैं, सरकार का पहला उद्देश्य प्रभावित लोगों की जान बचाना और त्वरित राहत पहुंचाना होता है। इस बार भी प्रशासन और राहत एजेंसियों ने तत्परता से काम किया।
वायरल वीडियो बना जांच का आधार
पंडोह डैम में तैरती हुई लकड़ियों और बहती लकड़ियों के वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। लोगों में इसे लेकर चिंता जताई जा रही थी और जांच की लगातार मांग उठ रही थी। इसी आधार पर यह मामला अब सीआईडी को सौंपा गया है।
राजनीतिक बयानबाज़ी पर निशाना
सरकारी प्रवक्ता ने भाजपा पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भी भाजपा नेता गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकार ने कभी अवैध कटान के मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं करवाई, जिससे वन माफिया को संरक्षण मिला।
हरित ऊर्जा राज्य बनने की दिशा में प्रतिबद्धता
सरकार ने यह भी दोहराया कि वह 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।