प्रेम प्रसंग के शक में युवक की हत्या, शव यमुना किनारे फेंका
अदालत ने पांवटा साहिब के चर्चित सूरज हत्याकांड में आरोपी मनीष को हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर प्रेम प्रसंग के शक में युवक की हत्या कर शव यमुना किनारे फेंकने का आरोप था।
पांवटा साहिब
पांवटा साहिब के चर्चित सूरज हत्याकांड में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी मनीष को हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।अभियोजन पक्ष के अनुसार वार्ड नंबर-9 मद्रासी कॉलोनी देवीनगर निवासी मनीष पर आरोप था कि उसने वर्ष 2021 में सूरज नामक युवक की हत्या कर शव को यमुना नदी किनारे फेंक दिया था। मामले ने उस समय पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।
उप-जिला न्यायवादी जतिंद्र शर्मा ने बताया कि 4 अगस्त 2021 को मृतक सूरज की मां लक्ष्मी निवासी देहरादून ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनका बेटा सूरज अपनी पत्नी दया और बच्चों के साथ पांवटा साहिब के देवीनगर में रहता था और 27 जुलाई 2021 की शाम से लापता था। बाद में उसका शव 29 जुलाई को छछरोली में यमुना नदी किनारे बरामद हुआ।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि आरोपी मनीष की मृतक की पत्नी पर बुरी नजर थी, जिसको लेकर सूरज और मनीष के बीच पहले भी विवाद हो चुका था। जांच के दौरान यमुना पुल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में सूरज को आरोपी मनीष के साथ रिक्शे में विकासनगर की ओर जाते हुए देखा गया था, जिसके बाद पुलिस जांच आरोपी तक पहुंची।
मामले की जांच इंस्पेक्टर अशोक चौहान ने की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई।मामले की पुष्टि उप-जिला न्यायवादी जतिंद्र शर्मा ने की है।