पेपर लीक कानून में संशोधन की तैयारी, दोषियों के लिए 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रस्ताव
केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए मौजूदा कानून को और सख्त बनाने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधनों में सजा और जुर्माने के प्रावधानों को बढ़ाने के साथ-साथ मामलों की सुनवाई को अधिक तेज और प्रभावी बनाने से जुड़े बदलाव शामिल किए जा सकते हैं।
नई दिल्ली
पेपर लीक कानून में संशोधन की तैयारी
केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार मौजूदा प्रावधानों को अधिक सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों में सजा की अवधि बढ़ाने, जुर्माने की राशि में वृद्धि करने और मामलों की सुनवाई को तेज करने से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं। इन संशोधनों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही लागू होगा।
कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित संशोधनों को शुक्रवार, 24 जुलाई को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जा सकता है। यदि कैबिनेट प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो सरकार संशोधित विधेयक को संसद में पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और पेपर लीक से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के बाद परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों में प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया को भी अधिक स्पष्ट रूप देने की योजना है।
प्रधानमंत्री ने विधायी प्रक्रिया का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के प्रदर्शन और पेपर लीक के मुद्दे पर जारी अपने बयान में कहा कि पिछले ढाई महीनों के दौरान इस विषय पर कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट से जुड़े प्रस्ताव विभागों से प्राप्त हो चुके हैं और उन पर कैबिनेट में चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कैबिनेट प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधेयक को संसद में लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके। उनके अनुसार सरकार का ध्यान परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों पर रोक लगाने और मामलों के शीघ्र निस्तारण पर है।
मौजूदा कानून और प्रस्तावित बदलाव
वर्तमान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत पेपर लीक के मामलों में 3 से 5 वर्ष तक के कारावास और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित संशोधन लागू होने पर सजा की अवधि 5 से 10 वर्ष तक की जा सकती है, जबकि अधिकतम जुर्माना बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि इन प्रावधानों की आधिकारिक पुष्टि सरकार की ओर से अभी नहीं की गई है। मौजूदा कानून और प्रस्तावित संशोधनों के बीच यह अंतर परीक्षा से जुड़े अपराधों पर अधिक कठोर दंड व्यवस्था की ओर संकेत करता है।
प्रस्तावित संशोधनों में क्या शामिल हो सकता है
प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को अधिक अधिकार दिए जा सकते हैं, ताकि मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो सके। इसके अलावा कारावास की अवधि बढ़ाने, आर्थिक दंड को अधिक प्रभावी बनाने और परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों के उपयोग के विरुद्ध सख्त कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। सरकार की ओर से अंतिम निर्णय कैबिनेट और संसदीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।