पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त जारी, हिमाचल के 8.05 लाख किसानों के खातों में पहुंची राशि
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के पात्र किसानों के बैंक खातों में निर्धारित किस्त की राशि हस्तांतरित की गई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 8.05 लाख किसानों को लाभ मिला है, जिनके खातों में कुल करीब 161 करोड़ रुपये की राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई।
शिमला
किसानों के खातों में भेजी गई किस्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के 8 लाख 5 हजार 285 पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की किस्त हस्तांतरित की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस किस्त के माध्यम से प्रदेश के किसानों को लगभग 161 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। योजना के तहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनी रहती है।
देशभर के किसानों को मिला लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित की गई। केंद्र सरकार के अनुसार योजना के तहत किसानों को नियमित अंतराल पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे कृषि गतिविधियों से जुड़े विभिन्न खर्चों में सहयोग मिलता है।
योजना के तहत वार्षिक सहायता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है। योजना लागू होने के बाद से अब तक 23 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और देशभर के करोड़ों किसान इससे लाभान्वित हो चुके हैं।
राशि की जानकारी कैसे प्राप्त करें
यदि किसी किसान को राशि जमा होने संबंधी संदेश प्राप्त नहीं हुआ है, तो वह अपने बैंक खाते का मिनी स्टेटमेंट एटीएम से प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा संबंधित बैंक शाखा में जाकर खाते की जानकारी ली जा सकती है। किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट या अन्य निर्धारित माध्यमों से भी भुगतान की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
DBT के माध्यम से किया गया भुगतान
योजना के अंतर्गत सभी भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से किए जाते हैं। इस व्यवस्था के तहत सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होती है, जिससे मध्यस्थता की आवश्यकता कम होती है और भुगतान प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जाती है। DBT प्रणाली का उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं में लाभार्थियों तक सहायता राशि पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।