स्वतंत्रता दिवस 2026: एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान; PM मोदी के भाषण की 10 बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग सहित कई घोषणाएं कीं। उन्होंने खेल प्रतिभाओं की पहचान, ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर उत्पादन, महिला आरक्षण, नक्सलवाद, सौर ऊर्जा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर लाल किले की प्राचीर से पहली बार वंदे मातरम गाया गया।
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से विस्तार कर रहा है और भारत के युवाओं में इस क्षेत्र का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI कौशल का प्रशिक्षण देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने हाल में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को तकनीक की बदलती दुनिया के लिए तैयार करना और राष्ट्र निर्माण में उनकी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करना है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रधानमंत्री ने मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का फैसला भी बताया। उन्होंने कहा कि कोचिंग की होड़ गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ डालती है। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षकों और एजुकेटर्स को जोड़कर मुफ्त कोचिंग का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे युवाओं को अपने परिवार के पास रहकर तैयारी करने और कोचिंग पर होने वाले खर्च को कम करने में सहायता मिलने की बात कही गई।
खेल प्रतिभाओं की पहचान और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी के भारत के संकल्प का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश उन खेलों में भी क्षमता विकसित करेगा जिनमें अभी भारतीय भागीदारी या क्वालिफिकेशन सीमित है। इसके लिए प्रतिभाओं की पहचान करने को टैलेंट हंट चलाने की बात कही गई। प्रधानमंत्री ने चिप, AI और डेटा सेंटर के लिए बढ़ती बिजली की जरूरत का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सुरक्षा को मौजूदा समय की प्रमुख आवश्यकता बताया।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चिकित्सा उपकरण और परिवहन व्यवस्था में चिप का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भरता की दिशा में देश ने बड़ा सेमीकंडक्टर कार्यक्रम शुरू किया है और तीन संयंत्रों में काम प्रारंभ हो चुका है। उनके मुताबिक वहां तैयार उत्पादन का निर्यात भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में सात से आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू किए जाएंगे।
सप्त धारा, महिला आरक्षण और नक्सलवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने शक्ति की ‘सप्त धारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच से सात वर्षों में इसके माध्यम से देश को नई गति और नए लक्ष्यों की ओर ले जाने का प्रयास किया जाएगा तथा युवाओं की क्षमता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाएगा। महिला आरक्षण पर उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं को जल्द 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में आगे आने का आग्रह किया।
नक्सलवाद पर प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सली-माओवादी हिंसा कमजोर हुई है, लेकिन इस चुनौती को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने हथियारबंद नक्सलवाद के साथ वैचारिक स्तर पर सक्रिय तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विश्वास और विकास का वातावरण बना है, फिर भी सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है क्योंकि ऐसे तत्व अवसर की तलाश में रह सकते हैं।
सौर ऊर्जा और विकसित भारत का लक्ष्य
सौर ऊर्जा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 12 साल पहले देश की क्षमता दो गीगावाट थी, जो अब 160 गीगावाट तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख घरों में सौर ऊर्जा अपनाने का पड़ाव पार कर लिया गया है और यह काम आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य दोहराया और इसे 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयास से हासिल करने की बात कही।
