POCSO / नाबालिग से दुष्कर्म मामले में अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई
POCSO : चंबा की विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
चंबा
अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया
विशेष न्यायाधीश अनुजा सूद की अदालत ने अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पिता को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे दो माह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी।
घटना के बाद शिकायत और जांच की प्रक्रिया
संयुक्त अभियोजन निदेशक दिग्विजय सिंह राणा के अनुसार 27 मार्च 2023 की रात पीड़िता अपने कमरे में सो रही थी। इसी दौरान आरोपी पिता कमरे में पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन पीड़िता ने घटना की जानकारी अपनी सौतेली मां को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 28 मार्च 2023 को पीड़िता अपनी मौसी के घर जाते समय रास्ते में एक महिला से मिली और उसे पूरी घटना बताई। महिला पीड़िता को अपने घर ले गई तथा 30 मार्च 2023 को उसने स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मामले की जानकारी दी।
अदालत में 19 गवाहों के बयान दर्ज
31 मार्च 2023 को पुलिस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक अन्य व्यक्ति पीड़िता के घर पहुंचे, जहां महिला के बयान दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ अपना मामला साबित करने के लिए कुल 19 गवाह अदालत में पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले की पैरवी लोक अभियोजक चंबा सोहम कौशल ने की।
