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POCSO / रामपुर पोक्सो कोर्ट ने वर्ष 2020 के नाबालिग दुष्कर्म मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 28 Mins Ago • 1 Min Read

POCSO : रामपुर स्थित विशेष पोक्सो न्यायालय ने वर्ष 2020 में दर्ज नाबालिग दुष्कर्म मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास और 7,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने निर्णय पारित किया, साथ ही ऐसे मामलों में सतर्कता और समय पर शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता भी रेखांकित होती है।

रामपुर बुशहर

विशेष पोक्सो न्यायालय ने सुनाया फैसला

किन्नौर जिले से जुड़े वर्ष 2020 के एक नाबालिग दुष्कर्म मामले में रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (विशेष पोक्सो कोर्ट) ने आरोपी संतोष कुमार निवासी गांव एवं डाकघर पूह, जिला किन्नौर को पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 7,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह फैसला सुनाया।

जांच के बाद अदालत में प्रस्तुत हुआ मामला

सरकार की ओर से पैरवी कर रहे उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल के अनुसार यह मामला 19 सितंबर 2020 से संबंधित है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर नियमानुसार जांच शुरू की। जांच के दौरान मेडिकल परीक्षण, आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए तथा आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।

20 गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। न्यायालय ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया और पोक्सो अधिनियम के तहत 10 वर्ष के कारावास एवं 7,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

ऑनलाइन माध्यमों पर सतर्कता जरूरी

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले परिचयों में सावधानी बरतें और किसी भी व्यक्ति पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। अभिभावकों को भी बच्चों एवं किशोरों की ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई है। समय पर शिकायत दर्ज कराना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करना ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण माना जाता है।

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