Fire / देहरा में एनएच-503 किनारे ढाबे में आग, संचालक झुलसा; प्रारंभिक जांच में भट्टी के पास गिरे तेल को माना कारण
Fire : देहरा के दियाड़ा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-503 स्थित एक ढाबे में शनिवार को आग लगने की घटना में ढाबा संचालक झुलस गया, जिसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल देहरा में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक निरीक्षण में गैस सिलेंडर के रिसाव की संभावना से इनकार करते हुए अधिकारियों ने भट्टी के पास गिरे तेल में आग लगना घटना का संभावित कारण बताया, जबकि दमकल विभाग ने समय पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण कर लिया।
कांगड़ा
ढाबे में आग लगने की घटना
कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत लोअर सुनहेत के दियाड़ा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-503) किनारे एक ढाबे में शनिवार को आग लगने की घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस समय ढाबे में भोजन तैयार किया जा रहा था। आग लगने के दौरान ढाबा संचालक इसकी चपेट में आकर झुलस गया, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए सिविल अस्पताल देहरा पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति स्थिर है और आवश्यक चिकित्सा देखरेख जारी है। घटना के समय स्थानीय लोगों ने भी प्राथमिक स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई और संबंधित विभागों को तुरंत सूचना दी।
दमकल विभाग ने समय पर पाया आग पर नियंत्रण
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। स्थानीय लोगों के सहयोग से कुछ ही समय में आग पर नियंत्रण स्थापित कर लिया गया। आग को सीमित क्षेत्र में रोक लेने से आसपास स्थित अन्य दुकानों और ढांचों तक इसके फैलने की संभावना नहीं रही। घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-503 के किनारे स्थित व्यावसायिक क्षेत्र में होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल कार्रवाई की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया संभावित कारण
घटना के बाद आकाश गैस एजेंसी के मैनेजर अश्वनी पुरी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आग गैस सिलेंडर के रिसाव के कारण नहीं लगी। उनके अनुसार भट्टी के आसपास गिरे खाद्य तेल में आग लगने से यह घटना हुई। निरीक्षण के दौरान गैस उपकरणों और संबंधित व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया तथा सुरक्षा मानकों का नियमित पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।
सुरक्षा उपायों पर दिया गया जोर
निरीक्षण के दौरान ढाबा एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने कार्यस्थल पर ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित प्रबंधन, गैस उपकरणों की नियमित जांच, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता तथा कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी देने की आवश्यकता बताई। साथ ही भोजन तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों में समय-समय पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की सलाह दी गई, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना कम की जा सके।