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POCSO: शिमला की विशेष अदालत ने आरोपी को किया बरी, पीड़िता और मां ने बदले बयान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 46 Mins Ago • 1 Min Read

POCSO: शिमला की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में आरोपी प्रताप राणा उर्फ रानो को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसकी मां अपने पूर्व बयानों से मुकर गईं, जबकि मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों से भी यौन शोषण के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।

शिमला

पॉक्सो और दुष्कर्म से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक शर्मा ने यह फैसला सुनाया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत मामले को उस समय झटका लगा, जब पीड़िता और उसकी मां ने अपने पहले दिए गए बयानों का समर्थन नहीं किया। इसके साथ ही पेश किए गए मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य भी आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं कर पाए।

ठियोग पुलिस थाने में दर्ज हुई थी शिकायत

मामले के अनुसार, पीड़िता की मां ने 11 अप्रैल 2026 को ठियोग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी उसकी 14 वर्षीय बेटी को पढ़ाने के बहाने अपने साथ ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू करते हुए आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की थी।

मामला नाबालिग से जुड़े आरोपों और पॉक्सो कानून के प्रावधानों के अंतर्गत होने के कारण इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक विशेष अदालत में की गई। सुनवाई के दौरान गवाहों के बदले बयानों तथा आरोपों की पुष्टि करने वाले मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

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